छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने का आरोप, विपक्ष ने मोदी सरकार पर NEET पेपर लीक को लेकर कड़ी निंदा की

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Opposition accuses Modi government of jeopardising students’ future over recurrent NEET paper leaks

नई दिल्ली, भारत

देश भर में NEET परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं ने फिर से सुर्खियां बटोरी हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) जो NEET परीक्षा का आयोजन करती है, उसकी जवाबदेही को लेकर विपक्षी दलों में व्यापक असंतोष है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर ‘‘छात्रों के भविष्य की चोरी’’ में साझेदारी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक से परीक्षा प्रणाली की ईमानदारी और पारदर्शिता पर गहरा सवाल उठता है।

राहुल गांधी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “यह हमारा कर्तव्य है कि हम उन छात्रों के साथ खड़े हों, जिनका कैरियर ऐसे भ्रष्टाचार और लीक के कारण प्रभावित हो रहा है। सरकार और BJP इस चोरी में बराबर की भागीदार हैं।” उन्होंने मांग की है कि इस घटना की स्वतंत्र जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।

विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी एनटीए की कार्यप्रणाली और सुरक्षा उपायों की आलोचना की। उनका कहना है कि परीक्षा की गरिमा और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से सुधार आवश्यक है। ये पेपर लीक घटनाएं न केवल छात्रों के मनोबल को कमजोर करती हैं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के प्रति लोगों का विश्वास भी डिगाती हैं।

सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, जबकि छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई छात्र गोष्ठियां और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से इस मुद्दे को उजागर कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि NEET जैसी उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में सुरक्षा कड़ाई से सुनिश्चित करनी होगी। पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर मजबूत कदम उठाने होंगे, ताकि हर छात्र को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

इस बीच, विपक्ष ने यह भी सुझाव दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए निगरानी व्यवस्था भी सुदृढ़ की जाए। छात्रों का यह मानना है कि उनकी मेहनत और सपनों के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

NEET परीक्षा से जुड़े इस विवाद ने देश में शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को फिर से सामने ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक और सामाजिक दबाव के चलते संभवतः सरकार कुछ ठोस कदम उठाएगी। फिलहाल छात्र और अभिभावक पूरी निगाह रखे हुए हैं कि न्याय और पारदर्शिता के साथ उनकी भविष्य की रक्षा कैसे की जाती है।

Source

UP 24.in
Author: UP 24.in

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