कन्नूर, केरल – पिनरायी विजयन, जिन्होंने केरल की राजनीति में अपनी गहरी छाप छोड़ी है, एक स्थानीय क्रांतिकारी कार्यकर्ता के रूप में अपनी शुरुआत की थी। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से जुड़े, उन्होंने अपनी सादगी, दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व क्षमता से राज्य की राजनीति में अपना शीर्ष स्थान बनाया।
पिनरायी की राजनीतिक यात्रा कन्नूर के छोटे गाँव से शुरू हुई, जहां वह प्राथमिक स्तर पर संघर्षरत वर्गों के अधिकारों के लिए सक्रिय थे। धीरे-धीरे पार्टी में उनकी लोकप्रियता बढ़ी और वे महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिकाओं तक पहुंचे। 1968 के दशक में, पिनरायी ने सीपीआई(एम) में विभिन्न जिम्मेदारियाँ संभालीं, जिससे उनकी पकड़ और मजबूत हुई।
उनकी प्रतिबद्धता और रणनीतिक सूझबूझ के कारण उन्हें 1996 में केरल विधान सभा के सदस्य के रूप में चुना गया। इसके बाद वे लगातार विधानसभा सदस्य बने, जिससे उनकी लोकप्रियता और विश्वसनीयता दोनों में वृद्धि हुई। पिनरायी विजयन ने कई बार मंत्री पदों पर काम करते हुए शिक्षा, श्रम और लोक निर्माण जैसे विभागों में सुधार कार्य किए।
2016 में, पिनरायी विजयन केरल के मुख्यमंत्री नियुक्त किए गए। उनके कार्यकाल में राज्य ने स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसुविधाओं के क्षेत्र में कई सफलता प्राप्त की। विभिन्न विकास परियोजनाओं और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों ने उनकी छवि को और मजबूत किया। उनके नेतृत्व में सीपीआई(एम) ने कई चुनाव जीत दर्ज की, जिससे वे केरल के सबसे लम्बे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन गए।
पिनरायी विजयन की राजनीतिक यात्रा केवल पदों और पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक विचारधारा और जनसेवा का प्रतीक बन गई। उनकी कहानी उन सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है, जो जनभावनाओं को समझते हुए समाज के लिए काम करना चाहते हैं।
Author: UP 24.in
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