लखनऊ, उत्तर प्रदेश। सोमवार दोपहर को अलिगंज इलाके में एक कोचिंग-कम-गेमिंग ज़ोन में भयंकर आग लगने से कम से कम 12 युवा छात्रों की मौत हो गई। इस दुखद घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है।
आग लगने की घटना लगभग तीन बजे शुरू हुई, जब चपेट में आने वाले भवन में मौजूद छात्र और कर्मचारी तुरंत बचाव के लिए भागे। बताया जा रहा है कि आग इतनी तीव्र थी कि कई छात्र इमारत की छत या खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
घरेलू दमकल विभाग ने मौके पर 14 अग्निशमन वाहनों के साथ तुरंत कार्रवाई की। दमकलकर्मी बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पा सके। घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। घायल लोगों को निकटस्थ अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्राथमिक जांच में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू कर दी है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आग कैसे लगी, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, बिजली की खराबी या किसी तकनीकी खराबी को संभावित कारण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिल दहला देने वाले हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने राहत और पुनर्वास के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर आग सुरक्षा के महत्त्व को रेखांकित करता है, खासकर ऐसे स्थानों पर जहां बड़े पैमाने पर युवा छात्र रहते हैं या आते हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर कड़ी सजगता बरतने की अपील की गई है।
मौके पर पहुंची स्थानीय जनता और छात्रों के परिजन भी घायलों के जल्द ठीक होने की कामना कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन जख्मी छात्रों के इलाज तथा पोस्ट-ट्रॉमैटिक सपोर्ट के लिए काम कर रहे हैं।
इस भयंकर आग हादसे ने पूरे लखनऊ को झकझोर दिया है। authorities समीक्षा कर रहे हैं कि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से कैसे बचा जा सकता है। लगातार बढ़ती आबादी और निजीकृत कोचिंग संस्थानों के चलते सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो गया है।




