आईएमडी ने शुरू किया मॉनसून यात्रा का ‘ब्लॉक स्तर’ मौसम पूर्वानुमान मॉडल

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IMD unveils weather model to provide ‘block level’ forecast of monsoon journey

नई दिल्ली, भारत – भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने हाल ही में एक नया मौसम मॉडल लॉन्च किया है, जो किसानों और आम जनता को मॉनसून यात्रा के दौरान ब्लॉक स्तर पर मौसम की भविष्यवाणी प्रदान करने में सक्षम होगा। यह पहल एक लंबे समय से चाहा गया कदम है, जिसका उद्देश्य किसानों को सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध कराकर उनकी फसल बोने की सही समयसीमा निर्धारित करने में मदद करना है।

भारतीय मौसम विभाग के इस नवीनतम मॉडल के माध्यम से अब न केवल राज्य या जिला स्तर पर बल्कि ब्लॉक स्तर तक मौसम पूर्वानुमान की सटीक जानकारी प्रदान की जाएगी। इससे किसान अपने खेतों की उचित देखभाल कर सकेंगे और मौसम में होने वाले बदलाव के अनुसार फसल की बुवाई या अन्य कृषि गतिविधियों का समय बेहतर तरीके से तय कर सकेंगे।

IMD के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह पहल कृषि क्षेत्र के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। क्योंकि लंबे समय से किसानों और कृषि से जुड़े अन्य लोगों की यह मांग रही है कि उन्हें अत्यंत स्थानीय और सटीक मौसम जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बेहतर योजना बना सकें और फसल नुकसान को कम किया जा सके।

अधिकारी यह भी बताते हैं कि इस मौसम मॉडल में उपग्रह डेटा, वातावरणीय सेंसर और आधुनिक कंप्यूटर सिमुलेशन तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे यह अनुमान लगाया जाता है कि अगले कुछ दिनों में किसी ब्लॉक में बारिश, तापमान और आर्द्रता किस प्रकार रहेगी। इस तकनीक से न केवल मॉनसून की गति और अवधि का पता चलेगा, बल्कि असामान्य मौसम घटनाओं की भी चेतावनी समय पर दी जा सकेगी।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से किसानों को फसल बोने में मदद मिलेगी, साथ ही जल प्रबंधन, कीट नियंत्रण और फसल कटाई के लिए भी उचित समय का निर्धारण आसान होगा। इससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

यह नई मॉनसून पूर्वानुमान प्रणाली डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये आम जनता तक पहुंचाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। इसके साथ ही, IMD ने किसान सहायता केंद्रों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर इस सेवा का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है।

भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि इस मॉडल को आगे बेहतर बनाने के लिए तकनीकी सुधार जारी रहेंगे और समय-समय पर नई जानकारियाँ उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि मौसम की अनिश्चितताओं से मुकाबला किया जा सके।

इस पहल को भारत में कृषि सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है, जो किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने में सहायक होगा।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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