मेरे सीईओ के प्रति था वफादार, फिर निकाला गया: 5 साल बाद हताश होकर भारत लौटा भारतीय शख्स, अमेरिका में H-1B की जद्दोजहद बताई

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Felt loyal to my CEO, then got laid off: Indian man narrates H-1B ordeal in US, returning to India after 5 years 'feeling completely defeated'

नई दिल्ली, भारत – अमेरिका में H-1B वीजा के तहत काम कर रहे एक भारतीय शख्स ने अपनी पांच साल की उस यात्रा को साझा किया, जिसमें वे अपने सीईओ के प्रति गहरा वफादार महसूस करते हुए भी नौकरी से निकाले जाने के बाद भारत वापस लौटने को मजबूर हुए। उनकी इस कहानी में नौकरी की अनिश्चितताओं और विदेशी जमीन पर नौकरी के दुख का एक जीवंत अनुभव छिपा है।

यह शख्स, जिसका नाम गोपनीय रखा गया है, तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत था और उन्होंने अमेरिका के एक प्रसिद्ध IT फर्म में नौकरी पाई थी। वे बताते हैं कि उन्होंने हमेशा मेहनत की और अपने सीईओ के प्रति पूरी वफादारी दिखाई। हालांकि, कोविड-19 महामारी और वैश्विक आर्थिक संकट के चलते कंपनी ने कई कर्मचारियों को निकालने का निर्णय लिया, जिसमें वे भी शामिल थे।

गोपी ने साझा किया, “मुझे लगा था कि मेरी मेहनत और वफादारी की कद्र होगी, लेकिन अचानक निर्णय ने सब कुछ बदल दिया। नौकरी छूटने के बाद मैं न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी पूरी तरह टूट चुका था।”

H-1B वीजा धारकों के लिए अमेरिका में नौकरी की अनिश्चितता सामान्य हो चुकी है, क्योंकि यह वीजा सीधे नौकरी से जुड़ा होता है। नौकरी चली जाने पर उनके लिए वहां रह पाना मुश्किल हो जाता है। गोपी ने इस कठिन परिस्थिति का सामना करते हुए अपने परिवार के साथ भारत लौटने का फैसला किया।

उनका मानना है कि विदेश में काम करने के दौरान भारतीय कर्मचारियों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक समर्थन की आवश्यकता होती है। गोपी कहते हैं, “विदेश में काम करना सपनों जैसा होता है, लेकिन जब वह सपना टूटता है तो उसकी चोट गहरी होती है। हमें ऐसी नीति बनानी चाहिए जो कामगारों को बीमार समय में संभाले।”

यह कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि अनेक भारतीय पेशेवरों की आवाज है, जो वैश्विक संकट में असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि H-1B वीजा धारकों को बेहतर संरक्षण और सहायता प्रदान करने के लिए सरकारों और नियोक्ताओं को मिलकर काम करना चाहिए।

अंत में, गोपी का संदेश है कि कठिनाइयों के बावजूद सपनों को न छोड़ें और संघर्ष जारी रखें। “मेरी हार मेरी पूरी कहानी नहीं है,” वे कहते हैं, “मैं फिर से अपने पैरों पर खड़ा होकर नए अवसरों की तलाश करूंगा।”

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