मुंबई: लगभग 17 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत के लिए अपनी सेवाएं दोबारा शुरू करने जा रही स्कैंडिनेवियाई एयरलाइन SAS (स्कैंडिनेवियन एयरलाइंस) की पहली उड़ान को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। कोपेनहेगन से मुंबई के लिए रवाना हुई फ्लाइट SK969 नियामकीय मंजूरी नहीं मिलने के कारण अजरबैजान के आसमान से वापस कोपेनहेगन लौट गई।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटराडार24 के अनुसार, SAS की उड़ान SK969 मंगलवार रात करीब 8:30 बजे कोपेनहेगन से रवाना हुई थी। यह उड़ान अपने निर्धारित समय से लगभग चार घंटे की देरी से उड़ी थी। करीब चार घंटे तक उड़ान भरने के बाद विमान अजरबैजान के ऊपर पहुंचा, जहां से उसे वापस लौटने का निर्देश दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरलाइन को भारतीय अधिकारियों से अंतिम नियामकीय मंजूरी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन समय रहते आवश्यक स्वीकृति जारी नहीं हो सकी। इसी कारण उड़ान को आगे बढ़ाने के बजाय वापस कोपेनहेगन भेजने का फैसला लिया गया।
SAS ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी ने कई महीनों की योजना और समन्वय के बाद भारत के लिए सेवा शुरू करने की सभी परिचालन और नियामकीय तैयारियां पूरी कर ली थीं। हालांकि, अंतिम मंजूरी लंबित रहने के कारण पहली उड़ान को रद्द करना पड़ा।
एयरलाइन ने कहा कि प्रभावित यात्रियों की सहायता करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था और आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही है। SAS ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा और नियामकीय मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है और आवश्यक औपचारिक मंजूरी मिलते ही मुंबई के लिए नियमित सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। एयरलाइन को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी और भारत के लिए उड़ान संचालन सामान्य रूप से शुरू हो सकेगा।
SAS की भारत वापसी को यूरोप और भारत के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था। हालांकि पहली उड़ान में आई यह बाधा फिलहाल यात्रियों और एयरलाइन दोनों के लिए निराशाजनक साबित हुई है।
Author: UP 24.in
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