महिला कनिबल: उभरते हॉरर फिक्शन ट्रेंड के पीछे की सच्चाई

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Female cannibals: What’s behind the emerging horror fiction trend?

नई दिल्ली, भारत – हॉरर फिक्शन की दुनिया में एक नया और अनोखा ट्रेंड देखने को मिल रहा है: महिला कनिबल। इस विषय पर कई नई किताबें प्रकाश‍ित हो रही हैं, जिनमें महिलाओं को ऐसे पात्रों के रूप में दिखाया गया है जो मांसाहारी हैं और अपनी भूख को पूरा करने में कोई हिचक नहीं रखते।

मोनिका किम की पुस्तक The Eyes are the Best Part (2025) में एक कॉलेज की छात्रा उन पुरुषों की आंखें खाती है जो उसकी कामुकता को fetishize करते हैं। वहीं, डेलिलाह एस डॉसन की कृति Bloom (2023) में एक महिला जो ग्रामीण जीवन को जीती हुई प्रतीत होती है, अपने खुद के बने जैविक उत्पादों में मानव अंग शामिल करती है। चेल्सी जी समर्स की पुस्तक A Certain Hunger (2021) में एक निडर और निरपराध भोजन समीक्षिका अपने प्रेमियों को पकाती है।

सिर्फ पिछले साल ही कनिबल विषयक तीन और उपन्यास प्रकाशित हुए हैं: लूसी रोज़ का लोकहorror शैली में लोकप्रिय उपन्यास The Lamb, ओलिवी ब्लेक की Girl Dinner और कॅथरीन डैंग की What Hunger। ये किताबें लिंग लिंग हुआंग की Natural Beauty (2023), सयाका मुराता की Earthlings (2020) जैसे कृतियों के नक़्शे कदम पर चलती हैं।

हालांकि कनिबलिज़्म हॉरर कथा का नया विषय नहीं है। फिल्मों और टीवी में इस विषय का लंबा इतिहास है, जैसे The Texas Chain Saw Massacre की लीदरफेस, The Silence of the Lambs के हानिबल लेक्टर, Solyent Green में खाद्य के रूप में लोग और पिछले साल की हिट एप्पल सीरीज Pluribus

नारीवादी कनिबल

लेकिन इस नयी लहर की खास बात यह है कि ये किताबें महिलाओं द्वारा लिखी गई हैं और इनमें महिला कनिबलों को एक नए रूप में दर्शाया गया है जो न केवल खूनी और भयावह हैं, बल्कि नारीवादी दृष्टिकोण से भी प्रबल हैं।

इस कल्पना में महिलाएं वे हैं जो अपनी इच्छाओं और क्रोध को खुलकर व्यक्त करती हैं। ये कहानियाँ उन महिलाओं की हैं जो हिंसक, गुस्सैल और प्रतिरोधक हैं, जो अपनी भूख को पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।

हॉरर साहित्य आमतौर पर सामाजिक चिंता और असुरक्षा के दौर में फलता-फूलता है। 18वीं सदी के प्रसिद्ध लेखक एन्न रैडक्लिफ़ से लेकर वर्तमान समय की लेखिकाओं तक, हर युग में हॉरर न केवल डर पैदा करता है बल्कि समाज के छुपे सचों को भी उजागर करता है। यह ट्रेंड भी उसी क्रम की कड़ी प्रतीत होता है, जहाँ महिला कनिबल एक रूपक बनती हैं उन महिलाओं का जो अपने अस्तित्व और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रही हैं।

इस प्रवृत्ति के बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि यह न केवल हॉरर फिक्शन में महिलाओं की आवाज़ को मजबूती देने का जरिया है, बल्कि यह लैंगिक भूमिकाओं और शक्ति के संबंधों पर भी सवाल उठाता है।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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