ऐसे क्यों नहीं कर पाते हैं वैभव सूरीवंशी टीम इंडिया के साथ इंग्लैंड में ड्रेसिंग रूम साझा

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Why Vaibhav Sooryvanshi can’t share Team India’s dressing room in England?

Mumbai, Maharashtra

क्रिकेट के मैदान पर टीम इंडिया के खिलाड़ियों का आपसी समर्पण और एकता सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन हाल ही में इंग्लैंड में हो रहे क्रिकेट सीजन के दौरान वैभव सूरीवंशी के ड्रेसिंग रूम को लेकर एक विशेष बदलाव हुआ है, जो चर्चा में है। इस बदलाव का कारण इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) द्वारा अपनाई गई नई सुरक्षा व संगरक्षण नियमावली है, जो पिछले समय में सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज खिलाड़ी के दौर से काफी भिन्न है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के जमाने में टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी एक साथ ड्रेसिंग रूम साझा करते थे, जिसमें आपसी संवाद, रणनीतियों पर चर्चा और विश्वास का माहौल होता था। लेकिन वर्तमान समय में ऐसे नियम हैं जिनके कारण खिलाड़ी, खासकर युवा और नए, ड्रेसिंग रूम या परिवेश को साझा करने में सक्षम नहीं हो रहे।

ECB ने खिलाड़ियों के संरक्षण को लेकर नियमों में सख्ती बढ़ाई है, जिसमें खिलाड़ी के व्यक्तिगत सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और गोपनीयता की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इस संदर्भ में युवा खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग ड्रेसिंग रूम बनाए गए हैं ताकि वे बिना किसी दबाव के खेल पर फोकस कर सकें और किसी भी तरह के मानसिक तनाव या बाहरी प्रभाव से बचा जा सके।

ऐसे नियमों के तहत, वैभव सूरीवंशी जैसे युवा खिलाड़ी जिन्हें अभी अपने कॅरियर की शुरुआत में स्थिरता बनानी है, उन्हें अलग ड्रेसिंग रूम में रखा जाता है ताकि वे ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक महसूस कर सकें। इसके अतिरिक्त, COVID-19 महामारी के दौर से भी प्रभावित अनेक सुरक्षा उपाय ECB लागू कर रहा है जिससे खिलाड़ियों के बीच संक्रमण का जोखिम न्यूनतम हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये नियम खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। हालांकि कुछ क्रिकेट प्रेमियों ने इसे टीम भावना में बाधा के रूप में देखा है, लेकिन खिलाड़ियों की भलाई और मानसिक संतुलन को बनाए रखने के लिए ये कदम जरूरी बताए जा रहे हैं।

इस परिवर्तन का खामियाजा वैभव सूरीवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को उठाना पड़ रहा है, जो टीम इंडिया के अन्य सदस्यों के साथ भरपूर संवाद और मेलजोल की उम्मीद रखते हैं। मगर इसके पीछे छुपी सुरक्षा की मजबूरियां भी समझने की जरूरत है।

खेल जगत में नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं, और टीमों को अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए भी यह आवश्यक है कि वे इन नियमों का पालन करते हुए खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से बेहतर वातावरण प्रदान करें।

आखिरकार, क्रिकेट केवल एक खेल नहीं बल्कि भावनाओं और भरोसे का संगम है। उम्मीद है कि भविष्य में ECB ऐसे नए नियम बनाएंगे जो सुरक्षा के साथ-साथ टीम भावना को और भी सशक्त बनाएंगे।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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