खेत से थाली तक: भारत की कोल्ड चेन पर एक नई सोच

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From farm to fork: Rethinking India’s cold chain

नई दिल्ली, भारत – भारत में खाद्य उत्पादों की बर्बादी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसका हर साल अरबों रुपये का आर्थिक नुकसान होता है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में, जहां ठंडे भंडारण की सुविधाओं का अभाव है, फसलों और मछली समेत अनाज और अन्य खाद्य सामग्री का खराब होना आम बात है। इस समस्या के समाधान के लिए Tan90 नामक कंपनी ने ‘कूलिंग-एज़-ए-सर्विस’ (Cooling-as-a-Service) के रूप में एक अभिनव मॉडल पेश किया है।

Tan90 इस मॉडल के तहत फेज चेंज मैटेरियल्स (PCM) का उपयोग करती है, जो तापमान को नियंत्रित करके ताजगी बनाए रखने में सहायता करते हैं। यह सेवा किसानों और मछुआरों को मांग के अनुसार ठंडे भंडारण की सुविधा प्रदान करती है, जिससे उन्हें महंगे और जटिल कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। यह समाधान उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और खाद्य सामग्री के नुकसान को कम करने में मदद करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में करीब 30% से अधिक खाद्य सामग्री उत्पादन के बाद खराब हो जाती है, जिसे कम करने के लिए प्रभावी ठंडा भंडारण अत्यंत आवश्यक है। Tan90 के इस कदम से ग्रामीण किसानों को अपनी उपज को बेहतर कीमत पर बेचने का अवसर मिलता है, क्योंकि वे अपनी फसल को खराब होने से बचाकर बाजार तक पहुंचा पाते हैं।

Tan90 के प्रमुख प्रतिनिधि ने बताया, “हमारा उद्देश्य खेती और मछली पकड़ने से जुड़े लोगों को सस्ते, भरोसेमंद, और पर्यावरण के अनुकूल ठंडे भंडारण की सुविधा देना है। हमारी तकनीक ऊर्जा की खपत को कम करती है और इसे आसानी से कहीं भी स्थापित किया जा सकता है।”

सरकार और निजी क्षेत्र से भी कोल्ड चेन के विस्तार के प्रयास जारी हैं, लेकिन Tan90 जैसी नवाचारी सेवाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे समाधान से फसल बर्बादी की समस्या में कमी आएगी, जिससे खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय दोनों में सुधार होगा।

इस पहल को कृषि क्षेत्र में भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो भारत को खाद्य अपशिष्ट नियंत्रण में एक नया मुकाम दिला सकता है। ग्रामीण भारत में इस सेवा के विस्तार से उम्मीद है कि लाखों किसान और मछुआरे बेहतर जीवन यापन करने में समर्थ होंगे, जिससे देश की आर्थिक समृद्धि में वृद्धि होगी।

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