US-Iran Crisis: खामेनेई का बड़ा संदेश, बोले- दुश्मनों की साजिशों को नाकाम करने के लिए देश को रहना होगा एकजुट

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तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देशवासियों को एकजुट रहने और बाहरी दबावों का मजबूती से सामना करने का संदेश दिया है। इमाम खुमैनी की 37वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पढ़े गए संदेश में उन्होंने राष्ट्रीय एकता, दृढ़ संकल्प और दुश्मनों की कथित साजिशों को विफल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

तेहरान स्थित इमाम खुमैनी के मकबरे पर आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच यह संदेश पढ़ा गया। खामेनेई ने कहा कि देश को ऐसी परिस्थितियों में धैर्य और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ना होगा तथा किसी भी प्रकार के बाहरी प्रचार या दबाव के प्रभाव में नहीं आना चाहिए।

ईरानी जनता से एकता बनाए रखने की अपील

अपने संदेश में खामेनेई ने कहा कि ईरान ने कई कठिन दौर देखे हैं, लेकिन हर चुनौती का सामना एकजुट होकर किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा और देश की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए जनता के बीच आपसी विश्वास और सहयोग जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान आज उन देशों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है जो स्वतंत्र विदेश नीति और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

क्षेत्रीय हालात पर भी जताई चिंता

खामेनेई ने अपने संदेश में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात का उल्लेख करते हुए इजराइल की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और आने वाले समय में भू-राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं और कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है।

अमेरिका के साथ जारी है टकराव

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। आर्थिक प्रतिबंध, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय दोनों देशों के बीच विवाद की प्रमुख वजह हैं।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संपर्क जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। ईरान अपनी जमी हुई संपत्तियों पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है, जबकि अमेरिका इस मुद्दे पर सतर्क रुख अपनाए हुए है।

ट्रंप के बयान ने बढ़ाई हलचल

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाने में ईरान की भूमिका सामने आती है तो अमेरिका अपनी मौजूदा रणनीति पर पुनर्विचार कर सकता है। हालांकि, रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि व्हाइट हाउस व्यापक सैन्य संघर्ष से बचना चाहता है।

इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

वैश्विक नजरें पश्चिम एशिया पर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के संबंधों का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं है। इन संबंधों का प्रभाव वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार मार्गों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ता है।

ऐसे में खामेनेई का यह संदेश केवल घरेलू राजनीति का हिस्सा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के रुख पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

UP 24.in
Author: UP 24.in

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