एर्नाकुलम, केरल: केरल के एर्नाकुलम जिले के कोथमंगलम से एक 73 वर्षीय महिला की हाल ही में अमोएबिक मेनिनजोएन्सेफलाइटिस (Brain-eating amoeba) के कारण मृत्यु हो गई है। यह दुर्लभ लेकिन घातक बीमारी मानव मस्तिष्क को प्रभावित करती है और इसके कारण मरीज की मृत्यु हो सकती है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मृतक महिला को पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार, सिरदर्द और मानसिक भ्रम जैसी गंभीर समस्या हो रही थी। जांच के दौरान उसे अमोबिक मेनिनजोएन्सेफलाइटिस का पता चला। बीमारी की शीघ्र पहचान पर उपचार शुरू किया गया, लेकिन स्थिति बिगड़ने के कारण उसकी मौत हो गई।
अमोएबिक मेनिनजोएन्सेफलाइटिस एक दुर्लभ संक्रमण है जो नाक के माध्यम से मस्तिष्क में प्रवेश करने वाले ‘नेगलरिया फाउलेरी’ नामक अमीबा से होता है। यह अमीबा मुख्यतः गर्म और मीठे पानी में पाया जाता है, विशेषकर प्राकृतिक जल स्रोतों में, जैसे तालाब, नदी और कुंएं। संक्रमित व्यक्ति में शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, गंभीर मतली, और गर्दन में अकड़न शामिल हैं। बीमारी की तेजी से पहचान और चिकित्सा उपचार न होने पर यह आमतौर पर जानलेवा साबित होती है।
सरकारी स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने बताया कि स्वच्छ और सुरक्षित पानी पीना आवश्यक है और प्राकृतिक जल स्रोतों से सीधे नहाने या पानी पीने से बचना चाहिए। साथ ही, नाक के निकास से जल प्रवेश को रोकने के लिए सावधानियां बरतना जरूरी है।
यह घटना केरल में अमोएबिक मेनिनजोएन्सेफलाइटिस से जुड़ी मौतों की एक श्रृंखला में एक और जुड़ाव है। विशेषज्ञ इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जल स्रोतों की जांच और प्रभावी उपचार प्रोटोकॉल स्थापित करने पर जोर दे रहे हैं, जिससे भविष्य में ऐसी दुर्लभ लेकिन घातक बीमारियों को कम किया जा सके।
नगरपालिका अधिकारी और स्थानीय प्रशासन अब जल स्रोतों की सफाई और निगरानी को सख्ती से लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं तथा जनता को इस बीमारी के लक्षणों के प्रति अलर्ट रहने के लिए लगातार सूचित कर रहे हैं।
Author: UP 24.in
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