जब डिजिटल दुनिया बनती है मनोवैज्ञानिक संकट का कारण: सोशल मीडिया, आत्म-हानि और भावनात्मक सुरक्षा की आवश्यकता

SHARE:

When digital spaces cause distress: social media, self-harm and the need for emotional safety nets

नई दिल्ली, भारत – आज के दौर में सोशल मीडिया का रोल केवल संवाद का माध्यम ही नहीं बल्कि भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जगह बन चुका है। मूलतः लोगों को जोड़े रखने के लिए विकसित किया गया यह डिजिटल माध्यम अब युवाओं के लिए उनकी भावनाओं को समझने और नियंत्रित करने का एक प्रमुख जरिया भी बन गया है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर निरंतर सक्रिय रहना, खासकर युवा पीढ़ी के लिए, कई बार भावनात्मक तनाव का कारण भी बन सकता है। डिजिटल स्पेस में मिलने वाली सूचनाओं, प्रतिक्रियाओं और तुलना की प्रक्रिया उनकी अंदरूनी दुनिया और भावनाओं को प्रभावित करती है, जिससे तनाव और अवसाद जैसी समस्याएं उभर सकती हैं।

मनोवैज्ञानिक डॉ. स्नेहा शर्मा का कहना है, “जब व्यक्ति अपनी भावनाओं और समस्याओं को ऑनलाइन साझा करता है, तो उसे सहानुभूति और समर्थन भी मिलता है, लेकिन कई बार नकारात्मक प्रतिक्रियाएं या तुलना उनकी मानसिक स्थिति को और बिगाड़ सकती है।”

विशेषज्ञों की मानें तो सोशल मीडिया का उपयोग ध्यान से और सीमित मात्रा में करना जरूरी है। भावनात्मक संकट की स्थिति में अगर उचित सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध न हो तो युवा लोगों का मनोबल गिर सकता है और वे आत्म-हानि की ओर भी बढ़ सकते हैं।

सरकारी और गैर-सरकारी संगठन इस चुनौती को समझते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह भावनात्मक सुरक्षा नेट बनाने में लगे हुए हैं। ये प्रयास यह सुनिश्चित करते हैं कि युवा डिजिटल दुनिया में अपनी भावनाओं को सुरक्षित रूप से व्यक्त कर सकें और उन्हें आवश्यक सहायता मिल सके।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी इस दिशा में कदम उठा रहे हैं। कई प्लेटफॉर्म पर अब ऐसे टूल्स और हेल्पलाइन की सुविधा दी जा रही है जो यूजर्स के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य की निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर मिन्नत सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

इस प्रकार, सोशल मीडिया आज न केवल एक संवाद का माध्यम है बल्कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य के संदर्भ में एक अहम डिजिटल स्पेस भी बन चुका है। इसके उचित और संतुलित उपयोग से ही हम इसे एक सुरक्षित और सकारात्मक पहलू में बदल सकते हैं, साथ ही हमें अपने सोशल और भावनात्मक सुरक्षा नेटवर्क को मजबूत करना होगा।

Source

UP 24.in
Author: UP 24.in

News

सबसे ज्यादा पड़ गई