राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के सुधारों की समीक्षा के लिए संसद स्थायी समिति की बैठक

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Parliament standing Committee to review the reforms of National Testing Agency

नई दिल्ली, भारत

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के सुधारों की समीक्षा के लिए संसद की स्थायी समिति ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में के. राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट में सुझाए गए सुधारों के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, हाल ही में सामने आए नीट-यूजी पेपर लीक के आरोपों की जांच के बारे में भी अपडेट प्रस्तुत किया जाएगा।

स्थायी समिति का गठन इस बात को सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की कार्यप्रणाली पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनी रहे। के. राधाकृष्णन समिति द्वारा की गई कई सिफारिशों में परीक्षा प्रक्रिया, तकनीकी सुधार, तथा परीक्षा के दौरान सुरक्षा इंतजामों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया था। इन सिफारिशों को लागू करना NTA के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है, जिसे अब स्थायी समिति पुनः समीक्षा करेगी।

इस बैठक का एक प्रमुख एजेंडा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) के पेपर लीक मामले की जांच का हालात भी शामिल है। इस मामले ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक चर्चा और चिंता उत्पन्न कर दी है। पड़ताल में पता लगाया जाएगा कि किन कारणों से पेपर लीक सम्भव हुआ और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

एक विशेषज्ञ ने इस मामले पर कहा, “राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि छात्रों का विश्वास बना रहे और उनकी मेहनत का उचित सम्मान हो। इसलिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को इस मामले को गंभीरता से लेना होगा।”

सरकार ने भी इस मामले की पूर्ण जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। NTA के सुधारों और मामले की जांच पर संसद समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।

विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली परीक्षाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह समीक्षा आवश्यक है। इससे न केवल परीक्षा प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि छात्रों और अभिभावकों को भी विश्वास मिलेगा कि उनके साथ न्याय होगा।

स्थायी समिति द्वारा की जाने वाली यह समीक्षा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले कुछ सप्ताहों में इस विषय पर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है, जो परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद करेगी।

Source

UP 24.in
Author: UP 24.in

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