लंदन, इंग्लैंड।
लंदन में 100 से अधिक इतालवी शैंफ्स ने एक अनूठा रिकॉर्ड कायम किया है। उन्होंने मिलकर 440.6 मीटर लंबा तिरामिसु बनाया, जो अब तक का सबसे लंबा तिरामिसु बन गया है और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। यह विशालकाय मीठा व्यंजन दो दिनों की मेहनत और समर्पण के बाद पूरी तरह तैयार हुआ।
इस आयोजन का उद्देश्य न केवल एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करना था, बल्कि इतालवी पाक संस्कृति और उसकी खासियतों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करना भी था। इस विशाल तिरामिसु को बनाने में 100 से अधिक अनुभवी शेफ्स ने हिस्सा लिया, जिन्होंने कुल 50,000 बिस्किट्स का इस्तेमाल किया।
तिरामिसु को सामान्यतः इटली के सबसे प्रसिद्ध डेज़र्ट में गिना जाता है, जो की कॉफी, कोको, मस्करपोन चीज़ और बिस्किट्स से बनता है। इस बार की रिकॉर्ड-ब्रेकिंग तिरामिसु न केवल आकार में बड़ी थी, बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्वाद ने भी सभी का दिल जीत लिया।
इस आयोजन की दो दिवसीय प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार की विशेष तैयारियां शामिल थीं। बड़ी संख्या में सामग्रियों की आपूर्ति, बेहतरीन तालमेल और एकसाथ काम करने की कला इस प्रयास की प्रमुख खूबियां रहीं। इस प्रयास से यह भी सिद्ध हुआ कि जब कई प्रतिभावान लोग मिलकर काम करते हैं तो बड़े से बड़े कार्य भी संभव हो जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस रिकॉर्ड की सफलता ने न केवल लंदन को गौरवान्वित किया, बल्कि इतालवी व्यंजनों की लोकप्रियता में भी इजाफा किया। इस उपलब्धि से पर्यटन को भी फायदा होगा क्योंकि अब अधिक लोग लंदन खास कर इस आयोजन स्थल को देखने आएंगे।
यह आयोजन गिनीज विश्व रिकॉर्ड की महत्ता को भी दर्शाता है और विश्व के विभिन्न हिस्सों में पाक कला की विविधता और श्रेष्ठता को बढ़ावा देता है। आयोजकों ने इस सफलता के बाद कहा कि भविष्य में भी वे इस तरह के अनोखे और रोमांचक प्रयास करते रहेंगे ताकि विश्व को नए-नए विश्व रिकॉर्ड्स से परिचित कराया जा सके।
इस आयोजन के दौरान मौजूद लोगों ने भी इस शानदार प्रयास को सराहा और कहा कि यह न केवल एक मिष्ठान्न था बल्कि इतालवी संस्कृति का जश्न भी था। इसके साथ ही, यह साबित करता है कि भोजन सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक सशक्त माध्यम भी है।
इस प्रकार, लंदन में बने इस 440 मीटर लंबे तिरामिसु ने दुनिया को दिखाया कि जब जुनून, प्रतिभा और सामूहिक प्रयास मिलते हैं, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
Author: UP 24.in
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