नई दिल्ली, भारत – कांग्रेस नेता शशि थरूर को कश्मीर की स्थिति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नागरिक नाविकों की सुरक्षा के प्रति रुख को लेकर दिए गए अपने बयान के लिए पार्टी के अंदर आलोचना का सामना करना पड़ा है। थरूर की इन टिप्पणियों ने पार्टी के कुछ सदस्यों में असंतोष पैदा किया है, जिन्होंने उनकी पार्टी के सदस्यों के साथ संवाद और कश्मीर में मौजूदा परिस्थितियों की समझ पर सवाल उठाए हैं।
शशि थरूर ने हाल ही में कहा था कि कश्मीर में स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है और पीएम मोदी की नागरिक नाविकों की सुरक्षा के प्रति सकारात्मक रवैया सराहनीय है। उन्होंने इन टिप्पणियों के समर्थन में व्यापक मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया।
हालांकि, कांग्रेस के एक अन्य नेता ने थरूर की टिप्पणियों पर व्यंग्यात्मक तरीके से सवाल उठाते हुए कहा कि वे मोदी के बयान की व्याख्या कैसे कर रहे हैं। इसने पार्टी के बीच एक विवाद छेड़ दिया, जहां कुछ सदस्यों ने थरूर की सरकार की नीतियों की आलोचना जारी रखते हुए उनकी संवाद शैली पर भी असहमतियां जताईं।
समाचार एजेंसियों के अनुसार, थरूर ने पार्टी के भीतर उठे इन सवालों के जवाब में स्पष्ट किया कि उनका मकसद सच्चाई उजागर करना और देशहित में विचार प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा कि वह कश्मीर के मुद्दे पर संवेदनशील हैं और भारतीय राज्यों की स्थिति के बारे में जागरूकता पैदा करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस जैसे बड़े राजनीतिक दलों में ऐसे मतभेद सामान्य हैं, खासकर जब बात संवेदनशील मुद्दों जैसे कश्मीर की हो। राजनीतिक विश्लेषकों ने यह भी कहा कि पार्टी के लिए यह आवश्यक है कि वे एकजुट होकर सार्वजनिक बहसों का सामना करें और अपने नेताओं के बीच संवाद को प्रोत्साहित करें।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई अंतिम बयान जारी नहीं किया है, लेकिन पार्टी के अंदर से आ रही प्रतिक्रियाएं दर्शाती हैं कि शशि थरूर की टिप्पणियां पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं। इस बीच, कश्मीर जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीतिक दलों का सार्वजनिक संवाद जारी रहेगी, जो देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।



