मुंबई, महाराष्ट्र
शिव सेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कांग्रेस के साथ अपनी पार्टी के विलय की अटकलों का स्पष्टता से खंडन किया। उन्होंने कहा कि अगर वे बीजेपी के साथ 30 वर्षों तक सहयोगी रहते हुए भी इसमें विलय नहीं कर पाए, तो कांग्रेस के साथ कैसे हो सकता है।
पार्टी के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ठाकरे ने कहा, “अगर हमने 30 वर्षों तक बीजेपी के साथ रहने के बावजूद इसमें विलय नहीं किया, तो कांग्रेस से कैसे हो सकता है? मैं तो डरता हूं कि महाराष्ट्र बीजेपी, शिंदे सेना के साथ विलय कर सकती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ राजनीतिक मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन उसने शिव सेना को बीजेपी की तरह कभी खत्म करने की कोशिश नहीं की। इस प्रकार का आरोप उन्होंने बीजेपी पर लगाया।
उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ता उन पर भरोसा नहीं करते हैं तो वे पार्टी अध्यक्ष पद से हटने के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका लड़ने का जज्बा अभी भी बना हुआ है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब चर्चा चल रही है कि उद्धव सेना के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली प्रतिद्वंदी सेना में शामिल हो सकते हैं।
गुरुवार को छह सांसदों ने उद्धव सेना की संसदीय पार्टी की बैठक में हिस्सा नहीं लिया, जबकि बचा हुआ तीन सांसद और आर्यसभा सदस्य संजय राउत बैठक में मौजूद थे।
शुक्रवार को पार्टी ने इन छह सांसदों को नोटिस जारी किया और उनसे सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। इसके बाद कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
यह बैठक शिव सेना की उद्धव सेना द्वारा लगाए गए आरोपों के एक दिन बाद हुई जिसमें पार्टी ने बीजेपी और शिंदे सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
Author: UP 24.in
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