एआई से राजमार्गों की सुरक्षा: एनएचएआई उपकरण ने दोष, विरोधाभास और विवाद जोखिमों की पहचान की

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AI comes to highways: NHAI tool flags defects, contradictions and dispute risks

नई दिल्ली, भारत

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘मार्गसारथी’ नामक एक अत्याधुनिक एआई उपकरण लॉन्च किया है, जो देश के राजमार्गों पर अनुबंध दस्तावेजों के सत्यापन और समीक्षा के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। इस नवीन प्रणाली के माध्यम से अब अनुबंधों की जाँच प्रक्रिया दिनों की बजाय मात्र मिनटों में पूरी हो सकेगी, जिससे समय की भारी बचत होगी और कार्यकुशलता अभूतपूर्व स्तर पर पहुँच जाएगी।

मार्गसारथी उपकरण खासतौर पर उन जोखिमों और कमियों को चिन्हित करता है जो पारंपरिक समीक्षा के दौरान बुधवार रह जाते थे। यह तकनीक दस्तावेजों में छिपे दोष, विरोधाभास और संभावित विवादों को तुरंत उजागर कर देती है, जिससे न केवल राजमार्ग निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि संभावित विवादों से भी समय रहते निपटा जा सकेगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस नवाचार से परियोजना प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम हो जाएगी। पहले जहां दस्तावेजों के मैनुअल परीक्षण में हफ्तों का समय लग जाता था, वहीं मार्गसारथी की सहायता से यह कार्य मिनटों में संभव हो गया है, जो कि पूरे सिस्टम की दक्षता को बढ़ाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मार्गसारथी जैसे तकनीकी नवाचार सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी में एक नई मिसाल स्थापित करेंगे। इसके चलते सड़क परियोजनाओं में विलंब और लागत वृद्धि की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकेगी।

राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव के लिए इस प्रकार के टूल्स का इस्तेमाल समय की मांग है, और एनएचएआई इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। भविष्य में इस तकनीक को और अधिक विकसित कर अन्य क्षेत्रों जैसे पुल निर्माण, सुरंग परियोजनाओं में भी लागू करने की योजना है।

इस पहल से भारत सरकार के डिजिटल इंडिया और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर अभियानों को भी मजबूती मिलेगी, जिससे देश के बुनियादी ढांचे की समग्र गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी।

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