लोरी क्यों काम करती है: नींद के लिए संगीत के पीछे का विज्ञान

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Why lullabies work: the science behind music for sleep

नई दिल्ली, भारत – हाल ही में संगीत चिकित्सा ने चिकित्सकों के बीच नींद में सुधार के एक प्रभावी साधन के रूप में खासा ध्यान आकर्षित किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी दुष्प्रभाव के आराम पहुंचाती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि संगीत केवल मनोरंजक नहीं, बल्कि यह हमारे तनाव को कम करके नींद के चक्र को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पिछले कुछ वर्षों में हुई नवीनतम शोधें यह दर्शाती हैं कि संगीत का प्रभाव सिर्फ मन को शांति देने तक सीमित नहीं है। संगीत तनाव को कम कर हमारे आंत के माइक्रोबायोटा को भी प्रभावित करता है, जो मस्तिष्क और आंत के बीच एक जटिल संबंध, जिसे ब्रेन-गट-माइक्रोबायोटा एक्सिस कहा जाता है, के जरिए नींद को नियंत्रित करता है।

यह शोध इस तथ्य को उजागर करता है कि आंत में रहने वाले सूक्ष्म जीव हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ सीधे जुड़े हैं। जब हम संगीत सुनते हैं, तो यह तनाव हार्मोन को कम करता है और माइक्रोबायोटा की संरचना में सुधार करता है। इससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है और व्यक्ति गहरे और अधिक आरामदायक नींद का अनुभव करता है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि संगीत चिकित्सा को नींद की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए एक प्रभावशाली विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है क्योंकि यह किसी दवा के सेवन की जरूरत नहीं होती और इससे कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते। चिकित्सक अब नींद को बेहतर बनाने के लिए दवाओं के स्थान पर संगीत को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, संगीत का चयन भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसी लोरियाँ या संगीत जो धीमी लय और मधुर धुनों से भरपूर हो, वे अधिक लाभकारी साबित होती हैं। इससे मस्तिष्क को विश्राम मिलता है और तनाव दूर होता है, जिससे नींद स्वाभाविक रूप से आकर्षित होती है।

अंततः, संगीत थैरेपी एक सरल, सस्ती और प्राकृतिक उपचार के रूप में उभर कर सामने आ रही है, जो न केवल नींद को बेहतर बनाती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार लाती है। भविष्य में और अधिक शोध से इन संबंधों को समझना और भी महत्वपूर्ण होगा ताकि चिकित्सा जगत में संगीत के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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