एल नीनो आ चुका है और वैज्ञानिक इसे बड़ा, खतरनाक और महंगा मान रहे हैं: गर्मी, बाढ़, सूखा और आग

SHARE:

El Nino is here and scientists fear it’ll be big, bad and costly with heat, floods, droughts, fires

नई दिल्ली, भारत – विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एल नीनो, जो एक प्राकृतिक वार्मिंग चक्र है, पृथ्वी के तापमान को और बढ़ा सकता है, जो पहले से ही जीवाश्म ईंधन के प्रदूषण के कारण गर्म हो रही है। इस प्रभाव के कारण दुनिया भर में मौसम की चरम घटनाओं में तीव्रता आने की संभावना है।

एल नीनो एक मौसमी प्राकृतिक घटना है जो प्रशांत महासागर के तापमान में असामान्य वृद्धि के कारण होती है। इससे वैश्विक जलवायु प्रणाली प्रभावित होती है और विभिन्न क्षेत्रों में असामान्य मौसमी पैटर्न देखने को मिलते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का एल नीनो मौसम की तीव्रता को न केवल बढ़ाएगा, बल्कि इसकी अवधि भी लंबी हो सकती है, जिससे तापमान वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाएगा।

जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि पहले से ही मानवजनित ताप वृद्धि के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, और एल नीनो इस समस्या को और गहरा कर सकता है। इससे दुनिया के कई हिस्सों में अधिक गर्मी और सूखा, जबकि कुछ इलाकों में बाढ़ और भारी वर्षा की घटनाएं विस्फोटक रूप से बढ़ सकती हैं। खासकर एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और अफ्रीका के कई क्षेत्रों में इससे जल संकट और कृषि उत्पादन पर बुरा असर पड़ने के संकेत हैं।

विशेषज्ञ कहते हैं कि एल नीनो के चलते बढ़ी हुई गर्मी, न केवल मानवीय जीवन को प्रभावित करेगी, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भी गहरा करेगी। इसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर जंगल की आग, समुद्र के स्तर में वृद्धि और जैव विविधता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

सरकारों और जलवायु नीति निर्माताओं के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है कि वे जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण के लिए सतत और प्रभावी उपाय करें। नई तकनीकों व अनुसंधानों के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के प्रति पूर्व-सूचना व्यवस्था और बचाव प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक है।

इस एल नीनो चक्र के प्रभावों को समझकर, हमें पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ ऊर्जा और संसाधनों के सतत उपयोग को सुनिश्चित करना होगा, ताकि आने वाले वर्षों में मौसम की इन चरम घटनाओं से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

Source

UP 24.in
Author: UP 24.in

News