कानपुर, उत्तर प्रदेश। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT-K) ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। संस्थान के निदेशक डॉ. मनींद्र अग्रवाल ने हाल ही में घोषणा की है कि IIT-K बारहवीं कक्षा के बाद साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में स्नातक की डिग्री (बी.टेक Cybersecurity) शुरू कर रहा है। इस कोर्स में प्रवेश पारंपरिक JEE (एडवांस्ड) परीक्षा के माध्यम से नहीं होगा बल्कि इसके लिए एक विशेष हैकाथॉन आयोजित किया जाएगा।
डॉ. अग्रवाल के अनुसार, वर्तमान समय में साइबर हमलों की संख्या और जटिलता में वृद्धि हो रही है, इसलिए इस क्षेत्र में योग्य और प्रवीण विशेषज्ञों की अत्यंत आवश्यकता है। इस आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए IIT-K ने निर्णय लिया है कि जो विद्यार्थी अपने हैकिंग कौशल से वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल कर सकें, उन्हें सीधे इस पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा।
हैकाथॉन के माध्यम से चयन प्रक्रिया छात्रों की तकनीकी योग्यता, समस्या सुलझाने की क्षमता और रचनात्मक सोच को परखा जाएगा। इससे पारंपरिक परीक्षा पैटर्न से हटकर ज्यादा प्रायोगिक और व्यावहारिक आधार पर छात्रों की प्रतिभा की जांच होगी। यह नया प्रवेश तरीका छात्रों के बीच उत्साह और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ाएगा।
आईआईटी कानपुर ने यह भी बताया कि बी.टेक Cybersecurity का पाठ्यक्रम नवीनतम साइबर सुरक्षा तकनीकों, नैतिक हैकिंग, सूचना सुरक्षा प्रबंधन, क्रिप्टोग्राफी, और साइबर कानून जैसे विषयों पर केंद्रित होगा। इस कोर्स का उद्देश्य न केवल छात्रों को तकनीकी दक्षता प्रदान करना है बल्कि उन्हें नैतिक और जिम्मेदार हैकर्स के रूप में भी तैयार करना है ताकि वे देश की साइबर सुरक्षा में योगदान दे सकें।
डॉ. मनींद्र अग्रवाल ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे छात्र सिर्फ तकनीकी ज्ञान से लैस न हों बल्कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज के हित में करें। हैकाथॉन के जरिए हम ऐसे छात्रों को चुनेंगे जो वास्तविक चुनौतियों से सामना कर सकते हैं और सुरक्षित डिजिटल भविष्य के लिए काम कर सकते हैं।”
यह पहल न केवल IIT-K की अकादमिक क्षमताओं को बढ़ाएगी बल्कि देश में साइबर सुरक्षा शिक्षा को भी एक नया आयाम देगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस प्रकार के व्यावहारिक और अनूठे प्रवेश प्रक्रियाओं के माध्यम से छात्रों के अंदर नवोन्मेषी सोच और वास्तविक दुनिया में उनके योगदान की संभावनाएं बढ़ेंगी।
इस संदर्भ में, विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि वे इस नए पाठ्यक्रम और हैकाथॉन प्रतियोगिता की जानकारी IIT-K की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित चेक करते रहें और इस अवसर का सही लाभ उठाएं। इस कदम से IIT-K डिजिटल भारत के सपने को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है।
Author: UP 24.in
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