सहारनपुर: आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच सुरक्षा एजेंसियां युवाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं। मोहतशिम की गिरफ्तारी के बाद सामने आए तथ्यों ने यह संकेत दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर कुछ संदिग्ध नेटवर्क युवाओं तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में अक्सर सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग संपर्क स्थापित करने के लिए किया जाता है। शुरुआत में सामान्य बातचीत की जाती है और बाद में विभिन्न प्रकार के प्रस्ताव या प्रलोभन देकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी, विदेश में रोजगार की चाह और जल्दी सफलता पाने की मानसिकता का फायदा उठाकर कुछ नेटवर्क युवाओं को अपने प्रभाव में लेने का प्रयास करते हैं। इसलिए डिजिटल जागरूकता आज पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
सुरक्षा एजेंसियां स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से भी जागरूकता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि परिवारों को भी युवाओं की ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए।
एजेंसियों का मानना है कि जागरूक नागरिक, मजबूत साइबर सुरक्षा और समय पर सूचना साझा करने की व्यवस्था ही ऐसे संदिग्ध नेटवर्कों पर प्रभावी रोक लगाने में मददगार साबित हो सकती है।
Author: UP 24.in
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