नई दिल्ली, भारत – राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) ने COVID-19 से हुई मौतों, शौचालयों की स्थिति और ईंधन उपयोग के संबंध में व्यापक डेटा एकत्रित किया है, लेकिन इन महत्वपूर्ण जानकारियों का उल्लेख उसके प्रस्तुत किये गए तथ्यपत्रों में नहीं पाया गया है। इस देरी और अपूर्णता ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे की योजना बनाने में गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
NFHS एक नियमित राष्ट्रीय सर्वेक्षण है जो परिवारों के स्वास्थ्य, पोषण और जनसांख्यिकी से जुड़ी सूचनाएं संग्रहित करता है। इस बार COVID-19 महामारी की गंभीरता ने सर्वे में विषम पहलुओं को सामने लाने की आवश्यकता पैदा की, जिनमें कोविड से हुई मौतों का आंकलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण था। इसके साथ ही, घरेलू स्वच्छता के लिए शौचालयों की उपलब्धता और ईंधन के उपयोग के पैटर्न पर भी डेटा एकत्र किया गया, जो ग्रामीण विकास और स्वच्छता अभियानों की सफलता का पैमाना है।
स्रोतों के अनुसार, NFHS की टीम ने महामारी के विभिन्न पहलुओं से जुड़े तथ्यों को रिकॉर्ड किया, लेकिन अंतिम तथ्यपत्रों में कोविड से मृत्यु दर पर स्पष्ट आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसी तरह, ईंधन के प्रकार और शौचालयों की स्थिति संबंधी डेटा भी पूरी तरह से विस्तृत नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सूचनाओं का अभाव नीति निर्धारकों और सामाजिक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अंजना शर्मा का कहना है, “COVID-19 से जुड़े आंकड़ों का संकलन करना अत्यंत आवश्यक था, खासकर उन क्षेत्रों में जहां महामारी का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिला। तथापि, जब ये आंकड़े अंतिम रिपोर्ट में शामिल नहीं किये जाते, तो नीतिगत दिशा को सही ठहराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।”
सरकारी जवाब में, अधिकारीयों ने कहा कि डेटा की जाँच और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही पूर्ण तथ्यपत्र प्रकाशित किए जाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि सार्वजनिक हित के लिए आवश्यक सभी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
जनस्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ‘सतर्कता फाउंडेशन’ की निदेशक मीनाक्षी वर्मा ने कहा, “डेटा संग्रह और जानकारी को पारदर्शी रूप से साझा करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे न केवल लोगों का विश्वास बढ़ता है बल्कि प्रभावी योजना भी बनती है।”
यह मामला NFHS की विश्वसनीयता और भविष्य की जनगणना तथा सर्वेक्षणों के महत्व को उजागर करता है। सामाजिक विकास के लिए सही और समय पर डेटा उपलब्ध कराना अपरिहार्य है, एवं ऐसे कदम आवश्यक हैं जो जनता को संदेह से दूर रखते हुए उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें।
Author: UP 24.in
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