केरल के मुख्यमंत्री-नियत सतीसन ने IUML को ‘धर्मनिरपेक्ष विरोधी’ बताने के प्रयासों को खारिज किया

SHARE:

Kerala Chief Minister-designate Satheesan rejects attempts to ‘demonise’ IUML as anti-secular

थिरुवनंतपुरम, केरल – केरल के मुख्यमंत्री-नियत पिनारायी विजयन के करीबी सहयोगी श्री पिनारायी सतीसन ने हाल ही में सरकार गठन के संबंध में महत्वपूर्ण बाते साझा की हैं। उन्होंने बताया कि सरकार गठन की प्रक्रिया ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है और मंत्रिमंडल नियुक्ति में अब कोई बाधा नहीं है।

सतीसन ने स्पष्ट किया कि सरकार के भविष्य को लेकर चल रही चर्चा में अब सकारात्मक प्रगति हुई है और जल्द ही मंत्रिमंडल की घोषणा संभव है। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल के साथ सहयोग की भावना से बातचीत एक सार्थक दिशा में आगे बढ़ रही है।

पिनारायी सतीसन, जो कि आगामी मुख्यमंत्री के रूप में चर्चा में हैं, ने IUML (भारतीय मुस्लिम लीग) के खिलाफ ‘धर्मनिरपेक्ष विरोधी’ के आरोपों को सख्ती से खारिज किया। उन्होंने कहा कि IUML के खिलाफ ऐसी गलत पहचान बनाई जा रही है, जो न केवल अनुचित है बल्कि केरल की सांप्रदायिक सौहार्द्र की परंपरा के विपरीत भी है।

उन्होंने यह भी बताया कि IUML ने सदैव धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का समर्थन किया है और सरकार में उनका योगदान साम्प्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण रहा है। सतीसन ने संवाददाताओं से कहा कि गलतफहमियों को दूर किया जाना चाहिए ताकि आगामी सरकार सभी समुदायों के विश्वास एवं समर्थन के साथ काम कर सके।

केरल की राजनीति में इस बार भी सभी बड़े दलों के बीच गठबंधन और समझौते पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। वर्तमान समय में सरकार गठन के लिए संपर्क बनाये जा रहे हैं और पिनारायी सतीसन इस प्रक्रिया में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार गठित होने के बाद केरल में विकास कार्यों की गति और सामाजिक न्याय के लिए नीतियां और अधिक प्रभावशाली रूप से लागू की जा सकेंगी। पिनारायी सतीसन ने भरोसा जताया कि उनकी सरकार पूरे राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध होगी।

सत्तासीन दलों के बीच सहयोग से राज्य की राजनीतिक स्थिरता बढ़ेगी और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। भाजपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दल भी सरकार गठन की प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। आगामी दिनों में मंत्रिमंडल के सदस्यों के नामों की घोषणा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होती दिख रही है।

इस बीच, जनसमूह और राजनीतिक समीक्षकों की निगाहें मुख्यमंत्री-नियत सतीसन के हर बयान और कदम पर बनी हैं। उनके नेतृत्व में नई सरकार के प्रदर्शन को लेकर उत्सुकता दर्शायी जा रही है।

केरल में सरकार गठन की प्रक्रिया के इस उत्साहपूर्ण दौर में सभी पार्टियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे सकारात्मक भूमिका निभाएं और राज्य की प्रगति के मार्ग को अवरुद्ध न होने दें।

Source

UP 24.in
Author: UP 24.in

News

सबसे ज्यादा पड़ गई