दिल्ली, भारत
जब स्वास्थ्य की बात आती है तो अधिकांश लोग “अच्छे” और “खराब” कोलेस्ट्रॉल के बारे में जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग लिपोप्रोटीएन(ए) (Lp(a)) नामक एक अन्य प्रकार के कोलेस्ट्रॉल से परिचित हैं। यह कोलेस्ट्रॉल हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है, यहां तक कि उन लोगों में भी जो स्वास्थ्य के प्रति सजग हैं।
रिसर्चर और दवा कंपनियां इस कम ज्ञात कोलेस्ट्रॉल कण पर ध्यान दे रही हैं क्योंकि यह हृदय की बीमारी और स्टोक के खतरे को बढ़ा सकता है। परंपरागत कोलेस्ट्रॉल परीक्षणों में Lp(a) शामिल नहीं होता, लेकिन अब इस स्थिति में बदलाव आने की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।
लिपोप्रोटीएन(ए) क्या है?
लिपोप्रोटीएन(ए) रक्त में मौजूद वसा और प्रोटीन से बने कणों को ले जाने वाला कोलेस्ट्रॉल है। इसका ढांचा LDL (लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीएन), जिसे कभी-कभी “खराब” कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, जैसा होता है लेकिन इसमें एक अतिरिक्त प्रोटीन, एपोलिपोप्रोटीएन(ए) जुड़ा होता है।
यह अतिरिक्त प्रोटीन Lp(a) को धमनियों में वसा जमा करने और रक्त के थक्के बनने के लिए अधिक उत्तरदायी बनाता है, जिससे हृदय रोग और स्टोक का खतरा बढ़ जाता है। बड़े पैमाने पर हुए अध्ययनों और अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों ने Lp(a) को हृदय रोग का एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक माना है।
Lp(a) स्तर क्या निर्धारित करता है?
अन्य कोलेस्ट्रॉल मापों के विपरीत, Lp(a) का स्तर मुख्य रूप से आनुवंशिकी द्वारा नियंत्रित होता है। लगभग 70% से 90% Lp(a) के स्तर को आपकी आनुवंशिक संरचना निर्धारित करती है, खासकर LPA जीन में बदलाव जो एपोलिपोप्रोटीएन(ए) की संरचना को तय करता है।
इसका मतलब है कि Lp(a) का स्तर जीवन के प्रारंभिक वर्षों में निर्धारित हो जाता है और सामान्यतः स्थिर रहता है। फिलहाल, Lp(a) के स्तर को कम करने के लिए सीमित उपचार विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन नवाचार और दवा विकास इस क्षेत्र में आशा जगा रहे हैं।
चिकित्सा समुदाय अब इस नए खतरे की गंभीरता को समझते हुए इसे जांच और उपचार के दायरे में लाने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि हृदय रोगियों को बेहतर परिणाम मिल सकें।
यस प्रकार, लिपोप्रोटीएन(ए) कोलेस्ट्रॉल हृदय स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण और उभरता हुआ संकेतक बनता जा रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Author: UP 24.in
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