त्रिशूर, केरल – केरल के मीडिया जगत के एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, क. बालकृष्णन का 87 वर्ष की आयु में स्वर्गवास हो गया है। बालकृष्णन ने थ्रिसुर स्थित मलयालम दैनिक एक्सप्रेस के संपादक के रूप में अपनी लंबी अवधि सेवा के दौरान इस अखबार की पहचान और प्रभाव को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से केरल की पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
बालकृष्णन का पत्रकारिता से जुड़ाव दशकों पुराना है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत स्थानीय समाचार पत्रों से की और धीरे-धीरे अपनी बेहतरीन संपादकीय क्षमताओं के कारण एक्सप्रेस जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशन में संपादक का पद हासिल किया। उन्होंने निरंतर प्रयासों और लेखन कौशल के दम पर एक्सप्रेस को न केवल केरल के मुख्यधारा के समाचार पत्रों में स्थापित किया, बल्कि समाज और राजनीति के आंदोलनों की सटीक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए भी जाना गया।
उनकी संपादकीय टीम के साथ निकटता और संवाद के चलते, एक्सप्रेस ने केरल में सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों को नई दिशा दी। बालकृष्णन ने हमेशा पत्रकारिता की उच्च नैतिकता का पालन किया और स्वतंत्रता तथा निष्पक्षता के पक्षधर रहे। उनके द्वारा संचालित संपादकीय सामग्री में निहित सूक्ष्म विश्लेषण और यथार्थपरक दृष्टिकोण पढ़ने वालों को सोचने पर मजबूर करता था।
वे पत्रकारिता के अलावा सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे और कई स्थानीय सामाजिक कल्याण गतिविधियों का समर्थन करते थे। उनके साथी पत्रकार और उनके पीछे आए पीढ़ी के लिए वे एक प्रेरणा स्रोत रहे। बालकृष्णन के निधन के बाद केरल राज्य के मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ राजनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान की प्रशंसा की।
बालकृष्णन का अंतिम संस्कार आगामी दिनों में उनके पैतृक गांव में किया जाएगा, जहाँ उनके परिवार के सदस्यों और पत्रकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधियों की भारी मौजूदगी की उम्मीद है। केरल की पत्रकारिता हमेशा उनके द्वारा स्थापित मानकों को याद रखेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत भूमिका मॉडल के रूप में उन्हें स्मरण करेगी।
Author: UP 24.in
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