चेन्नई, तमिलनाडु: तमिलनाडु कांग्रेस कमिटी (TNCC) ने स्पष्ट किया है कि तमिलनाडु वाइसन पार्टी (TVK), जो राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, को भाजपा या उसकी गठबंधन सहयोगी पार्टियों से समर्थन नहीं लेना चाहिए। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि TVK ने सत्ता गठित करने के लिए दावा पेश किया है।
तमिलनाडु में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद TVK ने सबसे बड़ी पार्टी का खिताब जिताया है, लेकिन स्पष्ट बहुमत हासिल करने में असफल रही है। ऐसे में सरकार बनाने के लिए गठबंधन या समर्थन आवश्यक हो गया है। TNCC ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि भाजपा गठबंधन से कोई समर्थन स्वीकार न किया जाए।
राज्य में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने के लिए TNCC की यह सख्त अपील गूंज रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि भाजपा की दक्षिण में बढ़ती गतिविधियों से राज्य की राजनीति प्रभावित हो सकती है, इसलिए संवैधानिक और सुषम राजनीतिक प्रक्रिया के तहत ही सरकार बने।
वहीं, TVK के अध्यक्ष विजय मई 6 को राज्यपाल से मुलाकात करने वाले हैं, जहां वे सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे या समय मांगने की संभावना है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुलाकात राज्य की आने वाली राजनीति के स्वरूप को स्पष्ट करेगी।
विश्लेषकों की राय है कि TNCC का यह रुख चुनाव परिणामों के बाद सत्ता संघर्ष में भाजपा का दखल टालने का सांकेतिक प्रयास है। यह राजनीतिक गतिविदियों का एक महत्वपूर्ण चरण है जो आगामी दिनों में तमिलनाडु की राजनीतिक दिशा निर्धारित करेगा।
यह स्पष्ट है कि तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टियां अपने कदम सोच-समझ कर उठा रही हैं ताकि स्थिर और टिकाऊ सरकार का गठन हो सके। जनता की नज़रों में इन सभी राजनीतिक घटनाओं का बड़ा महत्व है क्योंकि इससे उनकी नीतियों एवं योजनाओं पर सीधी असर पड़ता है।
Author: UP 24.in
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