भुवनेश्वर, ओडिशा – ओडिशा के स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यनंद गोंड ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री ने एक जांच समिति का गठन किया था, जिसने मामले की गहराई से पड़ताल की। इस जांच के बाद जिन्होंने लापरवाही बरती, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
मंत्री गोंड ने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता को सुधारना और सही जानकारी विद्यार्थियों तक पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है। पिछले कुछ समय से पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियाँ मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए थे। समिति ने सभी आरोपों की विवेचना की और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए गए।
उन्होंने आगे कहा कि “हमारे बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए शिक्षण सामग्री की गुणवत्ता बहुत महत्वपूर्ण है। इसीलिए संशोधित और सही तथ्यों से युक्त पाठ्यपुस्तकें जल्द ही सभी स्कूलों में वितरित की जाएंगी।” मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार इन सुधारों को लगातार मॉनिटर कर रही है ताकि शैक्षिक मानकों में और सुधार हो सके।
ओडिशा में शिक्षा क्षेत्र में हो रहे सुधारों और नवाचारों पर भी प्रकाश डालते हुए नित्यनंद गोंड ने कहा कि सरकार शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूलों के सुदृढ़ीकरण और छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने आम जनता से सहयोग और सुझाव भी मांगा ताकि शिक्षा प्रणाली और अधिक मजबूत बने।
यह कदम शासन की जवाबदेही और गुणवत्ता शिक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। छात्रों और अभिभावकों ने इस पहल का स्वागत किया है और आशा जताई है कि इससे ओडिशा का शैक्षिक माहौल और बेहतर होगा।
इसके अलावा, मंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी गलती को रोकने के लिए पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा प्रक्रिया को भी और अधिक कठोर बनाया जाएगा। इससे नियमानुसार और समय-समय पर सामग्री की जांच सुनिश्चित की जाएगी।
इस तरह की सकारात्मक पहल राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में नई उन्नति की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
Author: UP 24.in
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