नींद के बारे में सब कुछ: विज्ञान, विकार और नींद अध्ययन डेमो | हेल्थ wrap

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All about sleep: the science, disorders & sleep study demo | Health Wrap

चेन्नई, तमिलनाडु – राम्या कन्नन, हेल्थ एडिटर, द हिन्दू ने नित्रा इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्लीप साइंस के विशेषज्ञों से नींद के विज्ञान, आम नींद विकारों, निदान, उपचार और स्वस्थ नींद की आदतों के बारे में बातचीत की। इस संवाद में नींद से जुड़ी आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और चिकित्सकीय प्रक्रियाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि नींद हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। नींद की विभिन्न अवस्थाएँ होती हैं, जिनमें रैपिड आई मूवमेंट (REM) और नॉन-REM नींद प्रमुख हैं। ये अवस्थाएँ हमारे मस्तिष्क के विश्राम और पुनरुद्धार के लिए आवश्यक हैं।

विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार ने कहा, “नींद की कमी या उसके उचित न होने से अनेक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे कि मधुमेह, हृदय रोग और मानसिक तनाव।” उन्होंने बताया कि अधिकतर लोग नींद विकारों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण उनके जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

नित्रा इंस्टीट्यूट में नींद की जांच के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अंतर्गत पॉलिसोमनोग्राफी (sleep study) की प्रक्रिया शामिल है, जिसमें मरीज की नींद के दौरान मस्तिष्क की गतिविधि, नाड़ियों, श्वसन और अन्य शारीरिक क्रियाओं को मापा जाता है। इस एपिसोड में एक लाइव डेमो के माध्यम से इस जांच की प्रक्रिया का अनुभव भी दर्शाया गया।

विशेषज्ञों ने निदान के बाद उपयुक्त उपचारों के विकल्प भी समझाए। इसमें दवाइयां, जीवनशैली में बदलाव, नींद की स्वच्छता को अपनाना और कभी-कभी उपकरणों का उपयोग जैसे Continuous Positive Airway Pressure (CPAP) शामिल हैं, जो खासकर ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

अंत में, राम्या कन्नन ने कहा कि नींद की अच्छी गुणवत्ता के लिए नियमित समय पर सोना और जागना, स्क्रीन टाइम कम करना, कैफीन का सेवन सीमित करना तथा शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देना आवश्यक है। सही नींद न केवल शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखती है, बल्कि मानसिक प्रसन्नता और कार्यक्षमता को भी बढ़ाती है।

यह संवाद और लाइव डेमो नींद के महत्व और उसे बेहतर करने के उपायों को समझने के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ है, जो पाठकों तथा दर्शकों के लिए जागरूकता बढ़ाने में सहायक होगा।

Source

UP 24.in
Author: UP 24.in

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