IAF airlifts NEET-UG re-exam question papers to 18 areas through more than 200 sorties in 3-4 days

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IAF flies 200 sorties in 3-4 days to airlift NEET-UG retest papers to 18 zones

नई दिल्ली, भारत – भारतीय वायु सेना (IAF) ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत तीन से चार दिनों में लगभग 200 सॉर्टियां पूरी कीं, ताकि NEET-UG पुनर्परीक्षा के प्रश्नपत्र 18 विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से पहुंचाए जा सकें। इस कार्रवाई का उद्देश्य परीक्षा के सुचारू संचालन और सुनिश्चितता के साथ प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और समय पर वितरण था।

NEET-UG के छात्रों के लिए पुनर्परीक्षा का आयोजन इसलिए किया गया क्योंकि हाल ही में हुए परीक्षा के कुछ प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी की खबरें आई थीं। ऐसे में परीक्षा आयोग ने विश्वास दिलाया कि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान किया जाएगा। इस प्रक्रिया में भारतीय वायु सेना की भूमिका बेहद अहम रही।

वायु सेना ने व्यापक योजना और तगड़े संसाधनों का उपयोग करते हुए, देश की 18 परीक्षात्मक जोनों में प्रश्नपत्र भेजे। इस दौरान सुरक्षा उपायों को और अधिक कड़ा किया गया ताकि प्रश्नपत्रों के रिसाव या किसी भी प्रकार की लीकिंग की संभावना न रहे।

बीते कुछ वर्षों में, शैक्षणिक परीक्षाओं के पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन को लेकर सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं, और इस बार IAF के सक्रिय योगदान ने यह सुनिश्चित किया कि प्रश्नपत्र समय से पहले किसी के हाथ न लगें। सुरक्षा बलों ने पीछे से पूरी कवरेज करते हुए इस प्रक्रिया को अंजाम दिया।

परीक्षा आयोग और वायु सेना दोनों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि छात्रों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और परीक्षा समय पर निर्धारित मानकों के अनुसार सम्पन्न हो। इस योजना को सफल बनाने के लिए कई स्तरों पर समन्वय की आवश्यकता थी, जो पूरी तरह से साकार हुआ।

इस पहल को लेकर शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उनके अनुसार, जब तक परीक्षा की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहेगी, छात्रों का आत्मविश्वास भी बना रहेगा। NEET-UG जैसे उच्च स्तरीय चयन परीक्षा में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोकना जरुरी है।

अंतरिम रूप से, यह भी स्पष्ट किया गया था कि पुनर्परीक्षा का आयोजन छात्रों के हित में किया गया है ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी क्षमताओं को परख सकें। देश के युवा वैज्ञानिक, चिकित्सक और इंजीनियर बनने की राह पर हैं, और उनकी परीक्षाओं की गुणवत्ता पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं है।

परिणामस्वरूप, भारतीय वायु सेना की समयबद्ध और गोपनीयता सम्मानित सेवा ने यह संदेश दिया कि देश में शिक्षा के प्रति सरकारी प्रतिबद्धता कितनी दृढ़ है। छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हर परीक्षा निष्पक्षता का पर्याय बने।

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