नई दिल्ली, दिल्ली – कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नौसेना के जवानों की मौत पर चुप्पी साधे रखने की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि भारत को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अमेरिका के साथ आने वाली व्यापार प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को स्थगित कर देना चाहिए। पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार की ओर से इस संवेदनशील मामले पर मौन रहना उचित नहीं है और इसे ‘‘विश्वगुरु’’ के नारे से सजाने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
खड़गे ने कहा कि हाल के दिनों में नौसेना के कुछ जवानों की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु ने देश को झकझोरा है। कांग्रेस नेता ने यूएस प्रतिनिधियों के भारत दौरे की निंदा करते हुए यह भी कहा कि अमेरिकी पक्ष, खासकर सेनेटर मार्को रुबियो की भारत के विदेश मंत्री जयशंकर के साथ बातचीत में ‘‘धमकी भरा रवैया’’ इस मुद्दे की गंभीरता को और बढ़ा देता है। उनका मानना है कि ऐसे समय में भारत को अपने कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करते हुए अपनी सुरक्षा और सेवा करने वाले जवानों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे इस मामले को डीजिटल संवाद से आगे बढ़ाकर प्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी नेतृत्व से उठाएं और जवानों की मौत की जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाएं। पार्टी का कहना है कि यह मुद्दा केवल सैन्य कर्मियों तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता के विश्वास से जुड़ा है।
देशभर में नौसेना जवानों की मौत को लेकर चिंता बढ़ रही है और विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर दबाव बनाने में लगा है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस पर राजनीतिक स्तर पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह विवाद उस समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार एवं सुरक्षा संबंधों को बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि राजनीतिक दलों का तर्क है कि सुरक्षा मामलों में ढील से भारत की छवि प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस ने कहा कि सरकार को देश के बहादुर जवानों के सम्मान में संवेदनशील और जिम्मेदार रवैया अपनाना चाहिए और इस मसले को ‘‘विश्वगुरु’’ की एक छवि बनाने वाली नीतियों से ऊपर रखकर तात्कालिकता से देखना आवश्यक है।



