वेदांत श्रीवास्तव, निसर्गा अधिकारी और सार्थक सिद्धांत | जेन जेड का वह त्रिकोण जिसने सीबीएसई को चुनौती दी

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Vedant Shrivastava, Nisarga Adhikary and Sarthak Sidhant | The Gen Z trio that took on the CBSE

नई दिल्ली, दिल्ली: तीन विद्यार्थियों—वेदांत श्रीवास्तव, निसर्गा अधिकारी और सार्थक सिद्धांत—ने सार्वजनिक मंचों पर सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के खिलाफ अपनी आवाज उठाने पर जबरदस्त ट्रोलिंग का सामना किया, लेकिन अब बोर्ड ने इस प्रणाली में कमियों को स्वीकार कर उनकी बात को सही ठहराया है।

यह मामला तब शुरुआत हुआ जब इन तीनों छात्रों ने सीबीएसई के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम की कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी खामियों को सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि कैसे इस पद्धति में गलतियां हो सकती हैं जो छात्रों के परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं। इस आवाज को कई जगह आलोचना और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कुछ ने उनकी आलोचना की, तो कुछ ने यह भी दावा किया कि ये किसी राजनीतिक या अन्य एजेंडों के तहत काम कर रहे हैं।

हालांकि, हाल ही में सीबीएसई बोर्ड ने अपनी ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रक्रिया में दोष स्वीकार करते हुए कहा कि सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है और वे इसे बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। बोर्ड के इस बयान से यह सिद्ध होता है कि विद्यार्थियों की चिंता जायज थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों का यह कदम एक मिसाल है, जो यह दिखाता है कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सवाल उठाना शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक है। उन्होंने अपने अनुभव और तथ्यों के आधार पर एक सौम्य लेकिन मजबूत आवाज उठाई, जिससे बोर्ड को सुधार के लिए बाध्य होना पड़ा।

वेदांत, निसर्गा और सार्थक ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इस प्रणाली में सुधार करवाना था ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और पारदर्शी परीक्षात्मक व्यवस्था मिल सके। उन्होंने अपने साथी छात्रों से भी ऐसे मुद्दों पर आवाज उठाने का आग्रह किया ताकि बदलाव संभव हो सके।

ये घटनाएं न केवल भारत के शैक्षिक परिदृश्य में छात्रों की भागीदारी को प्रदर्शित करती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि किस प्रकार सही बात उठाने वाले लोगों को सही समय पर मान्यता मिलना चाहिए। यह एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है, जो भविष्य में शिक्षा में पारदर्शिता और जिम्मेदारी दोनों को बढ़ावा देगा।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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