नई दिल्ली, भारत – केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में उस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि इसके मार्किंग पोर्टल की सुरक्षा प्रणाली में सेंधमारी हुई है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक एथिकल हैकर ने फरवरी महीने में पोर्टल की कमज़ोरियों को उजागर करते हुए CERT-In (कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया टीम – भारत) को शिकायत दर्ज कराई थी।
CBSE के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड का मार्किंग पोर्टल अत्याधुनिक सुरक्षा उपायों से लैस है और कोई भी बाहरी हस्तक्षेप या सेंधमारी इस पोर्टल पर नहीं हुई है। बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पोर्टल की प्रणाली की लगातार निगरानी और समय-समय पर सुरक्षा प्रणाली का अपडेट किया जाता है ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।
एथिकल हैकर द्वारा उठाए गए आरोपों के बारे में बात करते हुए, बोर्ड ने कहा कि यह एक गलतफहमी का परिणाम हो सकता है और उन्होंने इस मामले की पूरी जांच कराई है। बोर्ड का कहना है कि पोर्टल में सुरक्षा की कोई कमजोरी नहीं पाई गई और यदि कोई भी शिकायत या खामी मिली होती तो उसे तुरंत सुधारा जाता।
CERT-In के अधिकारियों ने भी जांच की पुष्टि की है और कहा कि इस मामले में एक तकनीकी समीक्षा हुई है, जिसके अनुसार अभी तक कोई संपूर्ण या उच्च स्तर की सुरक्षा चूक सामने नहीं आई है।
CBSE का यह कदम समय रहते छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों और अंक दर्ज करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा की उच्चतम प्राथमिकता रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ती जोखिमों को देखते हुए ऐसे आरोपों से निपटने के लिए संगठनों को तेजी से जवाब देने की आवश्यकता होती है ताकि छात्रों और आम जनता का विश्वास बना रहे।
फिलहाल, CBSE ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी कार्य सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से चलते रहेंगे और किसी भी प्रकार की गलत सूचना से सावधान रहने की अपील की है। बोर्ड ने छात्रों से अनुरोध किया है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें और अफवाहों से बचें।
Author: UP 24.in
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