‘होम के रंग’: कलाकार गणेश हालोई की यह बच्चों के लिए ग्राफिक जीवनी वयस्कों के लिए एक उपहार है

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‘Colours of Home’: This graphic biography of artist Ganesh Haloi for children is a treat for adults

कोलकाता, पश्चिम बंगाल – एक छोटे लड़के और एक विशाल नदी की कल्पना करें। एक ऐसा क्षेत्र जो पानी में समा गया हो, दोनों एक हो गए हों। पेड़-पौधे, जानवर और मछलियां एक अखंड वातावरण का हिस्सा हैं, जिसमें पानी हरे-भरे भूमि को घेर लिए हैं। किनारे पर एक शांत और साधारण जीवन चलता है, जिसमें बदलाव के मौसमों के साथ एक लय होती है, और लड़का इसका न केवल गवाह होता है बल्कि उत्साहपूर्वक इस जीवंतता में जुड़ा होता है।

यह है किताब गणेश हालोई: होम के रंग का पहला अध्याय, जो लेखक लिकलाल और चित्रकार ईवा सांचेज़ गोमेज़ द्वारा तैयार की गई एक ग्राफिक जीवनी है। यह किताब “द आर्ट एक्सप्लोरेशन सीरीज” का नवीनतम संस्करण है, जिसे ART1ST Books ने किरण नादर म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट और आकार प्रयाकर के साथ मिलकर प्रकाशित किया है। यह श्रृंखला अब़निंद्रनाथ टैगोर, जमिनी रॉय, सोमनाथ होरे, एसएच रजा, अंबदास, मीरा मुखर्जी, राम कुमार और गणेश पायने की जीवनी भी प्रकाशित कर चुकी है।

कलाकार का परिचय

गणेश हालोई स्वतंत्र भारत के सबसे प्रतिष्ठित कलाकारों में से एक हैं। वे उस पीढ़ी के कुछ जीवित कलाकारों में से हैं जिन्होंने विभाजन का साक्षात्कार किया और जिसका जीवन उस विभाजन की घटनाओं से गहरा रूप से प्रभावित हुआ। वे मुख्य रूप से अपनी अमूर्त परिदृश्य और आंतरिक दृश्यों के लिए जाने जाते हैं। वे 1963 से 1993 तक कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट में एक प्रिय शिक्षक भी रहे, जहां उन्होंने 1950 के दशक की शुरुआत में अध्ययन किया था।

उनकी कला की शुरुआत एक सादगीपूर्ण संवेदना से हुई, जो उनके बचपन के अनुभवों और परिवेश की गहराई को दर्शाती है। उनकी रचनाएँ प्रकृति, स्मृति और स्थलों के प्रति उनके प्रेम को अभिव्यक्त करती हैं। हालोई की कलाकृति में अक्सर पानी, पेड़, घर और नदी के दृश्य दिखायी देते हैं, जो उनके जीवन के अनगिनत पलों से प्रेरित हैं।

उनका दृष्टिकोण जीवन के सूक्ष्म पहलुओं को पकड़ता है और दर्शकों को एक शांत, सोचपूर्ण दुनिया में ले जाता है। उनकी ग्राफिक जीवनी बच्चों के लिए उनकी कहानी को सरल और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करती है, जिससे हर उम्र के लोग इससे जुड़ाव महसूस कर सकें।

यह पुस्तक न केवल बच्चों के लिए बल्कि वयस्कों के लिए भी एक मनोहर अनुभव है, जो कला, इतिहास और व्यक्तिगत कहानी के समन्वय को बखूबी दर्शाती है। यह कहानी जीवन के रंगों और यादों की खूबसूरती को उजागर करती है, जो गणेश हालोई की प्रतिभा और संवेदनशीलता का प्रतिबिंब है।

इस प्रकार की जीवनी न केवल एक कलाकार की कड़ी मेहनत और उपलब्धियों को दर्शाती है, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास के अहम पहलुओं को भी सामने लाती है। गणेश हालोई की कला और जीवन की यह झलक आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी और भारतीय कला की समृद्धि में एक नया अध्याय जोड़ने का कार्य करेगी।

इस पुस्तक की उपलब्धता बाजार में बच्चों और अभिभावकों के बीच इस कला यात्रा को संभव बनाएगी, जिससे उनकी समझ और सराहना बढ़ेगी। यह एक अनमोल संग्रह है जिसका आनंद हर कला प्रेमी उठा सकता है।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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