वाहनों में गेजेट्स लगाना बेअसर होगा, जब तक निगरानी तंत्र न हो: कर्नाटक राज्य यात्रा परिचालक संघ

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Fixing gadgets in vehicles of no use without monitoring mechanism: Karnataka State Travel Operators’ Association

Bengaluru, Karnataka

कर्नाटक राज्य यात्रा परिचालक संघ (KSTA) के अध्यक्ष राधाकृष्ण होल्ला ने हाल ही में यह चेतावनी दी है कि बिना उचित निगरानी केंद्रों के, वाहनों में लगाए गए कई इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपकरण केवल औपचारिकता तक सीमित रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन तकनीकी gadgets का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि यात्राओं को और अधिक सुरक्षित बनाना है।

राधाकृष्ण होल्ला ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा गेजेट्स जैसे GPS ट्रैकिंग, कैमरे, और ड्राइवर की निगरानी के लिए सेंसर आदि हाल के वर्षों में यात्रा सुरक्षा बढ़ाने के लिए जरूरी माने जा रहे हैं। लेकिन जब तक इन्हें प्रभावी ढंग से मॉनिटर नहीं किया जाएगा, तब तक ये उपकरण केवल कागजी कार्रवाई की तरह रह जाएंगे।

उन्होंने कहा, “हमने देखा है कि कई बार ये गेजेट्स बस नियम पालन के लिए लगाए जाते हैं, लेकिन उनका रियल टाइम डेटा कोई देखता या उपयोग करता नहीं है। इससे न तो यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होती है और न ही ऑपरेटरों को कोई बड़ा लाभ मिलता है।”

कर्नाटक राज्य यात्रा परिचालक संघ के अध्यक्ष के अनुसार, राज्य सरकार को तुरंत प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित करना चाहिए, ताकि इन उपकरणों का सही उद्देश्य पूरा हो सके। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि निगरानी केंद्रों का ईमानदारी से संचालन हो और संबंधित कर्मियों को पूरी तरह प्रशिक्षित किया जाए।

वर्तमान में, कई यात्रा और परिवहन ऑपरेटर इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स लगाते हैं क्योंकि यह नियम के तहत अनिवार्य हो गया है। लेकिन इन गेजेट्स के डाटा को समय-समय पर मॉनिटर करने और रिपोर्टिंग करने का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है। इससे न केवल तकनीकी उपकरणों की उपयोगिता कम हो जाती है, बल्कि यात्रियों के विश्वास में भी कमी आती है।

उन्होंने बताया कि यदि निगरानी प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाता है, तो यात्रा सुरक्षा में सुधार होगा, दुर्घटनाओं की संख्या कम होगी और कानून व्यवस्था हम बेहतर बना पाएंगे। इसके साथ ही, यात्री और ऑपरेटर दोनो ही सुरक्षित सफर का अनुभव कर सकेंगे।

समापन में राधाकृष्ण होल्ला ने यात्रा उद्योग और सरकार से आग्रह किया है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द उचित निगरानी व्यवस्था को लागू करें। इससे कर्नाटक में यात्रा सुरक्षा का स्तर एक नई ऊंचाई तक पहुंचेगा, जो यात्रियों और ऑपरेटरों दोनों के हित में होगा।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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