हैदराबाद, तेलंगाना: उप पुलिस आयुक्त (टास्क फोर्स) वैभव गायकवाड़ ने स्पष्ट किया है कि LPG गैस की कमी की जो खबरें बाजार में फैल रही हैं, वे पूरी तरह से नकली और निर्मित हैं। उन्होंने बताया कि यह संकट वितरण के स्तर पर कुछ एजेंसी और डिलीवरी कर्मियों द्वारा जानबूझकर फैब्रिकेट किया जा रहा है ताकि काले बाजार में सिलेंडरों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा सके।
वैभव गायकवाड़ ने कहा, “हमने जांच के दौरान पाया कि गैस की आपूर्ति में कोई वास्तविक कमी नहीं है। वितरण केंद्रों पर समुचित स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन कुछ डिलीवरी कर्मी और एजेंसियां इस स्थिति का गलत फायदा उठा रही हैं।” उन्होंने दावा किया कि इस तरह की अफवाहें लोगों के बीच भय फैलाने और काला बाजार संचालित करने के लिए फैलाई जा रही हैं।
उन्होंने जनता से अपील की है कि वे ऐसी खबरों पर जल्दी विश्वास न करें और आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। “हम लगातार निगरानी कर रहे हैं, और ऐसे किसी भी गैरकानूनी गतिविधि का कड़ाई से मुकाबला किया जाएगा,” गायकवाड़ ने कहा।
वहीं, उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में सिलेंडर उपलब्धता की स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में कीमतों में वृद्धि हुई है, जो कि काले बाजार की सक्रियता को दर्शाता है।
गैस वितरण कंपनियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है और वे नियमित रूप से सिलेंडरों का वितरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की कमी या बाधा होने पर वे तुरंत सूचना देंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और अफवाहों के कारण लोगों में गलतफहमी बढ़ी है, जो कि इस तरह के संकट के लिए उपजाऊ माहौल बनाती हैं। इसलिए आवश्यक है कि सरकारी संस्थान और मीडिया मिलकर सच को समय पर सामने लाएं।
इस पूरे मामले को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और वितरण नेटवर्क की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि आम जनता को सही मात्रा में LPG सिलेंडर मिल सके और काले बाजार की गतिविधियां रोकी जा सकें।
इस प्रकार स्पष्ट होता है कि LPG सिलेंडर्स की कमी का कथित संकट वास्तविकता पर आधारित नहीं है, बल्कि यह एक सुनियोजित प्रयास है जो जनता को भ्रमित करने और काले बाजार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
Author: UP 24.in
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