जबलपुर, मध्य प्रदेश – राज्य के जबलपुर जिले में मंगलवार को Bargi डैम के पास हुई नाव पलटने की दुर्घटना में अब तक मृतकों की संख्या 13 हो गई है। रविवार को अंतिम दो लापता लोगों के शव बरामद किए गए, जिससे पीड़ित परिवारों को कुछ हद तक न्याय मिला है।
पुलिस उप-नोडल अधिकारी अंजुल अवस्थी मिश्र ने बताया कि पाँच वर्षीय मयूरम और उनके चाचा कमराज, जो लगभग पचास वर्ष के थे, के शव डैम से निकाले गए। यह दोनों वह आखिरी व्यक्ति थे जिनकी तलाश की जा रही थी।
घटना गुरुवार की है जब राज्य पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक क्रूज नाव बारीशी मौसम के दौरान Bargi डैम में पलट गई। नाव में कुल 41 यात्री सवार थे, जिनमें से 28 को रेस्क्यू किया जा चुका था।
इस आपदा प्रबंधन और बचाव कार्य में तीन सौ से अधिक कर्मी लगे हुए थे जिनमें सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल और स्थानीय गोताखोर शामिल थे।
इस दुखद हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को एक जांच आयोग गठित किया और तीन नाव चालक दल सदस्यों को हटा दिया। साथ ही ऐसी नावों के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है जब तक पूरी जांच पूरी नहीं हो जाती।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि दोषियों के खिलाफ “सख्त से सख्त कार्रवाई” की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायल यात्रियों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इस संदेश ने प्रभावित परिवारों के बीच राहत की भावना पैदा की है।
यह घटना राज्य और स्थानीय प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि वे भविष्य में पर्यटक सुरक्षा के लिए कड़े नियम और सावधानियां अपनाएं। Bargi डैम क्षेत्र, जो एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, वहां यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
स्थानीय अधिकारी इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं और जल्द ही सभी तथ्यों को सार्वजनिक करेंगे। परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा दिलाने के लिए सरकार तत्पर है।
यह दुर्घटना राज्य में जल सुरक्षा और पर्यटन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहलकदमी साबित होगी।
Author: UP 24.in
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