गल्फ में कहीं नहीं है जगह विदेशी ताकतों के लिए, कहा ईरान के खामेनी ने, अमेरिकी ‘ग्रेट सैटन’ पर कसा तंज

SHARE:

‘No place in Gulf, except at bottom of its waters’: Iran’s Khamenei slams ‘Great Satan’ US, rejects nuclear curbs

तेहरान, ईरान – ईरान के सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह मोजताबा खामेनी ने हाल ही में अमेरिकी सरकार को ‘ग्रेट सैटन’ (महान शैतान) बताते हुए कहा है कि विदेशी ताकतों का खाड़ी क्षेत्र में कोई स्थान नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के परमाणु तथा मिसाइल क्षमताओं को लेकर किसी भी तरह के समझौते को अस्वीकार कर दिया।

खामेनी ने अपने भाषण में जोर देते हुए कहा कि ईरान की तकनीकी और सैन्य उपलब्धियां उसकी राष्ट्रीय संपत्ति हैं, जिसकी रक्षा करना पूरी जनता का कर्तव्य है। उन्होंने विदेशी शक्तियों की किसी भी प्रयास को ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ बताया।

आयतोल्लाह खामेनी ने स्पष्ट कहा, “खाड़ी में अमेरिकी या अन्य विदेशी देश के लिए कोई जगह नहीं है, सिवाय समंदर के सबसे गहरे हिस्सों के। हमारे परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल बल गैर-समझौता योग्य हैं।” उनकी यह टिप्पणी पश्चिम एशिया के हाल के तनाव और अमेरिका के साथ नए परमाणु समझौतों को लेकर चर्चा के बीच आई है।

प्रसिद्ध राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खामेनी की यह कड़ी टिप्पणी ईरान की संप्रभुता पर किसी भी विदेशी दबाव का जवाब है, खासकर उस समय जब अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी और प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं।

ईरान की सैन्य क्षमता और तकनीकी विकास देश की राष्ट्रीय सुरक्षा की रीढ़ हैं, और खामेनी ने इसे न केवल आंतरिक बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि जनता और शासन एकजुट होकर ही देश को बाहरी खतरे से बचा सकते हैं।

खामेनी के इस बयान के बाद क्षेत्रीय राजनीतिक माहौल और अधिक जटिल हो गया है, क्योंकि कई देशों की नीतियां और विस्तृत रणनीतियाँ खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने के इर्द-गिर्द बन रही हैं। ईरान की कड़ा रुख अपनाने वाली यह धारणा किसी भी प्रकार के समझौते की संभावना को प्रभावित कर सकती है।

विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान ईरान के दृढ़ निश्चय और उसकी क्षेत्रीय प्रभुत्व की मंशा को दर्शाता है, जो अमेरिका सहित अन्य शक्तियों के लिए एक चुनौती भी हो सकती है।

Source

UP 24.in
Author: UP 24.in

News