वाशिंगटन, डी.सी.
ट्रम्प प्रशासन ने 24 अप्रैल को अचानक नेशनल साइंस बोर्ड के सभी सदस्यों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, जिससे विशेषज्ञों और वैज्ञानिक समुदाय में चिंता और आश्चर्य का माहौल बना हुआ है। यह जानकारी बोर्ड की सदस्यों योलांडा गिल और केवान स्टासुं द्वारा ईमेल के माध्यम से साझा की गई।
नेशनल साइंस बोर्ड अमेरिका के राष्ट्रीय विज्ञान नीति को मार्गदर्शन देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास को सुनिश्चित करने में मदद करता है। बोर्ड के सदस्यों को आम तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान बर्खास्त नहीं किया जाता है, इसलिए इस अचानक कार्रवाई ने विभिन्न सवाल खड़े कर दिए हैं।
योलांडा गिल और केवान स्टासुं ने अपने बयान में कहा कि उन्हें अचानक सूचना दी गई कि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि प्रशासन ने कोई कारण व्यक्त नहीं किया। इस कदम पर कई वैज्ञानिक व नीति विश्लेषक चिंतित हैं क्योंकि यह अमेरिका के विज्ञान और अनुसंधान क्षेत्र में अनिश्चितता और व्यवधान ला सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के निर्णय का प्रभाव राष्ट्रीय अनुसंधान प्राथमिकताओं और प्रौद्योगिकी विकास परियोजनाओं पर पड़ेगा। कई सदस्यों के निर्देशन के बिना बोर्ड की गतिविधियां बाधित हो सकती हैं जो अमेरिका की वैश्विक विज्ञान प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकती हैं।
अभी तक प्रशासन की ओर से इस फैसले के पीछे किसी विशेष नीति या रणनीति की व्याख्या नहीं की गई है। वैज्ञानिक और अनुसंधान समुदाय इस मामले में और स्पष्टता की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में विज्ञान नीति में निरंतरता और स्थिरता बनी रहे।
नेशनल साइंस बोर्ड की नई नियुक्तियों और आगे की योजना पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि इस समूह का काम वैज्ञानिक विकास और राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण है। इस अप्रत्याशित कार्रवाई ने अमेरिका के विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिदृश्य में एक नया मोड़ ला दिया है, जिसका असर आने वाले समय में देखा जाएगा।
Author: UP 24.in
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