टेक्सास ने सार्वजनिक स्कूलों में 2030 से बाइबल के अंश पढ़ाने की योजना को पहली बार अनुमोदित किया

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In a first, Texas approves plan to require Bible passages in public schools starting 2030

ऑस्टिन, टेक्सास – टेक्सास राज्य ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए घोषणा की है कि आगामी 2030-2031 शैक्षणिक सत्र से सार्वजनिक स्कूलों में अंग्रेजी और भाषा कला की कक्षाओं में छात्रों को बाइबल के चुनिंदा अंश पढ़ाये जाएंगे। यह फैसला शिक्षा में धार्मिक ग्रंथों को शामिल करने के पक्ष और विपक्ष के बीच व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।

इस योजना का समर्थन करने वाले शिक्षाविद् और राजनीतिक नेता दावा करते हैं कि बाइबल के कुछ चयनित पाठों को पढ़ाने से छात्रों को साहित्यिक समझ में गहराई मिलेगी क्योंकि बाइबल विश्व की सबसे प्रभावशाली और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण पुस्तकों में से एक है। वे इस पहल को साहित्यिक शिक्षण में समृद्धि एवं विकल्पों की बढ़ोतरी के रूप में देखते हैं।

वहीं, आलोचकों का मानना है कि इस कदम से चर्च-राज्य विभाजन के सिद्धांतों का उल्लंघन हो सकता है और यह धार्मिक स्वतंत्रता तथा बहुसांस्कृतिक शिक्षा के मूल सिद्धांतों के लिए खतरा है। उनकी चिंता है कि स्कूलों में केवल बाइबल जैसे धार्मिक ग्रंथों को शामिल करने से अन्य धर्मों और विविध साहित्यिक दृष्टिकोणों की उपेक्षा हो सकती है।

शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि कक्षा में पढ़ाए जाने वाले बाइबल के पाठों का चयन विशेष रूप से साहित्यिक गुणों के आधार पर किया जाएगा, न कि धार्मिक उपदेशों के लिए। इस निर्णय के पीछे यह तर्क दिया गया है कि छात्रों को व्यापक सांस्कृतिक व ऐतिहासिक संदर्भ में साहित्य की समझ देना आवश्यक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल को सावधानीपूर्वक लागू किया जाना चाहिए ताकि सभी छात्रों की धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का सम्मान किया जा सके। कुछ शिक्षकों का कहना है कि पाठ्यक्रम में धार्मिक ग्रंथ शामिल करने से पहले व्यापक समुदाय की सहमति और विचार-विमर्श आवश्यक है।

राज्य में इस निर्णय के बाद से विभिन्न समुदायों में बहस तेज हो गई है। कुछ माता-पिता उत्साहित हैं जबकि अन्य चिंतित हैं कि इससे स्कूलों में धार्मिक धर्मनिरपेक्षता प्रभावित हो सकती है। टेक्सास के शिक्षा बोर्ड ने कहा है कि वे इस फैसले को लेकर आगे सभी संबंधित पक्षों से संवाद स्थापित करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि नीति निष्पक्ष और संवेदनशील रूप से लागू हो।

यह फैसला अमेरिका में शिक्षा और धर्म को लेकर जारी बहस का एक नया अध्याय जोड़ता है, जिसमें सार्वजनिक शिक्षा में धार्मिक सामग्री की भूमिका पर निरंतर सवाल उठते रहे हैं। टेक्सास की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकती है कि कैसे इतिहास और साहित्य के संदर्भ में धार्मिक ग्रंथों को शामिल किया जाए।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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