केरल बीजेपी काउंसिलर आर. स्रीलेखा ने ‘दृढम’ और ‘भूतकालम’ फिल्मों के निर्माताओं पर उनकी कहानियों की चोरी का आरोप लगाया

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Kerala BJP councillor R. Sreelekha accuses makers of ‘Dridam’ and ‘Bhoothakalam’ of plagiarising her stories

थिरुवनंतपुरम, केरल – केरल बीजेपी काउंसिलर आर. स्रीलेखा ने फिल्मों ‘दृढम’ और ‘भूतकालम’ के निर्माताओं पर उनकी सोशल मीडिया पर साझा की गई कहानियों और वीडियोज़ की नकल करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने यह दावा एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से किया है जिसमें उन्होंने बताया कि इन दोनों फिल्मों की मूल कथा उनकी प्रस्तुत कथाओं से हूबहू ली गई है।

स्रीलेखा ने बताया कि उन्होंने कई साल पहले अपनी सोशल मीडिया टाइमलाइन पर कुछ विशेष कहानियाँ और वीडियो साझा किए थे, जिनमें कुछ अद्भुत और विचारोत्तेजक विषय शामिल थे। उनका कहना है कि ‘दृढम’ और ‘भूतकालम’ की पटकथा बनाते समय इन कहानियों के विचारों को बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। इस आरोप के साथ उन्होंने निर्माताओं की नैतिकता पर सवाल उठाए हैं और उचित कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।

‘दृढम’ और ‘भूतकालम’ दोनों ही केरल में हाल ही में रिलीज हुई फिल्मों में से हैं, जिन्हें दर्शकों और समीक्षकों द्वारा सराहा भी गया है। हालांकि, अब इस विवाद के कारण फिल्म उद्योग में हलचल मच गई है। स्रीलेखा की इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है, जहां फिल्म निर्माताओं और समर्थकों के बीच बहस जारी है।

फिल्म निर्माता पक्ष ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, परन्तु यह विवाद पहले से ही किरकिरी साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आरोप फिल्म उद्योग में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा को लेकर छत्तीसगढ़ बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।

केरल के सांस्कृतिक और कानूनी समुदाय ने भी इस मामले पर ध्यान दिया है और कहा है कि कलाकारों और रचनाकारों के हक की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाना चाहिए। वर्तमान समय में मीडिया और फिल्म जगत में बौद्धिक चोरी को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, इसलिए ऐसे आरोपों को गंभीरता से लिया जाना जरूरी है।

आर. स्रीलेखा का फेसबुक पोस्ट वायरल होने के बाद कई कलाकारों और सामाजिक समूहों ने उनका समर्थन किया है। वहीं, यह मामला जल्द ही अदालत तक पहुंच सकता है जहां इसकी जांच होगी कि क्या वास्तव में कथानक की नकल हुई है या नहीं।

यह घटना केरल में फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मकता और मौलिकता बनाए रखने के महत्व की याद दिलाती है। साथ ही यह कलाकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज और उद्योग के प्रयासों को भी मजबूती देने का संकेत है।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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