भोपाल, मध्यप्रदेश
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता मीना कुमारी नटराजन की याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने मध्यप्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी अस्वीकार किए जाने को चुनौती दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह मामले के मर्म पर टिप्पणी नहीं कर रही है, लेकिन उन्होंने यह अनुमति दी कि नटराजन हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दाखिल कर सकती हैं।
मीना नटराजन मध्यप्रदेश में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के कांग्रेस के एकमात्र प्रत्याशी थीं। उनकी नामांकन फॉर्म भाजपा द्वारा दायर आपत्ति की वजह से खारिज कर दिया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने अपनी हलफनामा में तेलंगाना में उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला होने की जानकारी छुपाई है।
उनके वकील अभिषेक मैनु सिंहवी ने कोर्ट को बताया कि केवल एक मजिस्ट्रेट का नोटिस उन्हें मिला है और तेलंगाना की अदालत ने अभी तक मामले को संज्ञान में नहीं लिया है। इसलिए उनका यह तर्क था कि उन्हें अपने नामांकन पत्र में इस मामले का उल्लेख करने की आवश्यकता नहीं थी।
सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेता को चयन प्रक्रिया और चुनाव आयोग की विरोधी दलीलों के खिलाफ उच्च न्यायालय में वैधानिक रास्ता अपनाने का निर्देश दिया गया है। यह फैसला चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के प्रयास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के चार्ज्डेफेयरस जेसन मीक्स को दूसरी लगातार दिन भारत में अमेरिकी जहाजों पर पश्चिम एशिया में हो रहे हमलों के खिलाफ अपनी गहरी आपत्ति दर्ज कराने के लिए तलब किया। भारत सरकार ने इस विषय में अमेरिका की सरकार को दोबारा कड़ा संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिक जहाजों के खिलाफ खूनी और घातक बल प्रयोग को लेकर उसे गंभीर चिंता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह घटना भारत के स्वाभिमान और समुद्री सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है और इसे लेकर दोहराई गई चेतावनी भारत की सुरक्षा नीति का हिस्सा है। अमेरिकी राजदूत से बातचीत में भारत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के हमले समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों के लिए खतरनाक हैं।
राजदूत मीक्स को चेतावनी दी गई कि यदि ऐसी घटनाओं में सुधार नहीं हुआ, तो भारत ने आवश्यक कदम उठाने के विकल्प को खुला रखा है। मंत्रालय ने कहा कि इन वार्ताओं से भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत होते रहेंगे, जबकि क्षेत्रीय सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब भारत कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने कूटनीतिक प्रभाव को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है, विशेषकर समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी लहर के संदर्भ में। राज्यसभा चुनाव से लेकर विदेश नीति के इन विवादों तक, राजनीतिक और कूटनीतिक गतिविधियाँ जोर पकड़ती नजर आ रही हैं।
Author: UP 24.in
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