काठमांडू, नेपाल – नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने रविवार को भारत के साथ विकासोन्मुख सहयोग को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सीमा जैसे विवादों के समाधान के लिए द्विपक्षीय संबंधों में सक्रियता लाने और उच्च स्तरीय राजनीतिक संवाद फिर से शुरू करने की मांग की।
खनाल की इस अपील के दौरान, दोनों पक्षों ने व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, जल संसाधन और जनसंपर्क के मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। इन विषयों पर विचार-विमर्श का मकसद आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना और नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाना था।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते सिर्फ पड़ोसी देशों के नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक साझा विरासत वाले हैं। उन्होंने कहा, “हम वही नदियों के बच्चे हैं जो सदियों से सामाजिक-आर्थिक और राजनैतिक धारा को बनाती रही हैं।” इसी साझा पहचान को मजबूत करते हुए दोनों देशों को द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना होगा।
खनाल की भारत यात्रा के दौरान कई द्विपक्षीय समझौतों और सहयोग कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष सीमा विवादों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्वक सुलझाने के इच्छुक हैं। इसके साथ ही, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी एवं ऊर्जा परियोजनाओं को गति देने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
दोनों देशों के बीच जनसंपर्क को भी खास महत्व दिया गया। खनाल ने इस संदर्भ में कहा कि स्थानीय स्तर पर संबंधों को मजबूत करने के लिए सांस्कृतिक, शैक्षणिक और पर्यटन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। इससे दोनों देशों की जनता के बीच आपसी समझ और अपनापन बढ़ेगा।
नेपाल के मंत्री ने आशा जताई कि द्विपक्षीय वार्ताएं नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आएंगी, जो दोनों देशों के विकास और शांति के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगी। उन्होंने भारत के साथ साझेदारी को “एक साझा भविष्य का आधार” बताते हुए इसे निरंतर मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
Author: UP 24.in
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