भारतीय शोधकर्ता ने हाल ही में खोजे गए आकाशगंगा संरचना का नाम मणिपुर के लोकतक झील के नाम पर रखा

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Indian researcher names newly discovered galaxy structure after Manipur’s Loktak Lake

इम्फाल, मणिपुर – एक भारतीय खगोलशास्त्री ने हाल ही में एक नई आकाशगंगा संरचना की खोज की है और उसका नाम मणिपुर की प्रसिद्ध लोकतक झील के नाम पर रखा है। डॉ. लैशराम ने बताया कि यह नामकरण उनके मन में खोज के तुरंत बाद आया था।

लोकतक झील, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य और तैरते हुए द्वीपों के लिए विख्यात है, मणिपुर की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे ‘शाही झील’ के रूप में भी जाना जाता है और यह पूर्वोत्तर भारत में सबसे बड़ी ताजे पानी की झील है।

डॉ. लैशराम ने मीडिया से चर्चा में कहा, “जब हमने इस नई आकाशगंगा संरचना की खोज की, तो मुझे तुरंत लोकतक झील की याद आई, जो न केवल मेरे गृह राज्य मणिपुर का अनमोल रत्न है, बल्कि इसकी अनूठी बनावट और खगोलशास्त्रीय संरचना की तरह ही जटिल और अद्भुत है। इसलिए हमने यह नाम रखने का निर्णय लिया।”

इस आकाशगंगा संरचना की खोज भारतीय खगोल विज्ञान में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह पता लगाने का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है कि ब्रह्मांड में ऐसे कितने और क्षेत्र हो सकते हैं जो अब तक अज्ञात हैं।

लोकतक झील से प्रेरणा लेकर नामित की गई इस संरचना ने क्षेत्रीय गर्व को भी बढ़ावा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नामकरण से विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के बीच एक सकारात्मक संबंध स्थापित होता है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

मणिपुर सरकार और स्थानीय प्रशासन ने डॉ. लैशराम की इस उपलब्धि की प्रशंसा की है और वैज्ञानिक अनुसन्धान को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने की ओर बल दिया है।

इस खोज के माध्यम से न केवल मणिपुर को अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान मानचित्र पर एक नई पहचान मिली है, बल्कि यह भारतीय खगोल विज्ञान के क्षेत्र में भी एक महत्वपूर्ण कैस स्टडी साबित होगी।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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