उत्थरा उन्नी कृष्णन ने नई पीढ़ी के लिए ‘सुप्रभातम्’ को नया रूप दिया

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Uthara Unnikrishnan reimagines ‘Suprabhatham’ for a new generation

चेन्नई, तमिलनाडु: प्रसिद्ध गायक पी. उन्नी कृष्णन की पुत्री, उत्थरा उन्नी कृष्णन ने मशहूर भक्ति गीत ‘सुप्रभातम्’ को एक नए अंदाज में प्रस्तुत किया है, जो खासतौर पर युवा पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस पहल के पीछे उत्थरा को महान संगीतकार एम.एस. सुब्बालक्ष्मी की भावपूर्ण गायकी से प्रेरणा मिली, जिसने उन्हें इस गीत को पुनः जीवन्त बनाने के लिए प्रेरित किया।

उत्थरा ने भारतीय शास्त्रीय संगीत का बचपन से ही अभ्यास किया है, और उन्होंने इस बार सुप्रभातम् के पारंपरिक स्वरूप को एक आधुनिक संवेदनशीलता के साथ पेश किया है। उनका मानना है कि इस गीत की आध्यात्मिक भावना और सकारात्मक ऊर्जा आज के समय में भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने इसे युवा वर्ग के लिए आकर्षक और सुलभ बनाने के उद्देश्य से कुछ नए संगीत तत्व जोड़े हैं, जिससे इसकी अपील और व्यापक हुई है।

मीडिया से बातचीत में उत्थरा ने कहा, “एम.एस. सुब्बालक्ष्मी जी की आवाज़ में सुप्रभातम् हमेशा से ही मेरे लिए एक आदर्श रही है। मैं चाहती थी कि इस गीत की पावनता और ऊर्जा नई पीढ़ी तक पहुंचे, जिन्हें परंपरा के साथ-साथ आधुनिकता की भी समझ हो।” उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए उन्होंने पारंपरिक और आधुनिक दोनों संगीत विधाओं का गहन अध्ययन किया।

इस रिलीज़ के पश्चात उत्साही संगीत प्रेमियों ने उत्थरा की इस प्रस्तुति की काफी सराहना की है। कई विशेषज्ञों ने भी इसे एक सफल प्रयास मानते हुए बताया कि यह गीत युवाओं में भक्ति और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देगा।

उत्थरा की इस क्रिएटिव पहल से स्पष्ट होता है कि शास्त्रीय संगीत भारतीय युवाओं के बीच पुनः लोकप्रिय हो रहा है और वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने के लिए नए प्रयोग करने से नहीं डर रहे हैं। इस दिशा में उनके प्रयास निश्चित ही संगीत जगत में एक नई प्रेरणा के रूप में देखे जा रहे हैं।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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