नई दिल्ली, भारत – केंद्रीय मंत्री किसान रेड्डी ने मंगलवार को मतदाता सूची की सफाई करने का आह्वान किया और निर्वाचन आयोग के काम में किसी भी बाधा को सहन न करने की चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्वाचन आयोग के कामकाज में किसी भी प्रकार की रुकावट की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, उन्होंने सरकारी अधिकारियों को डराने-धमकाने के प्रयासों के खिलाफ भी कड़ाई से निपटने की बात कही।
किसान रेड्डी ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए मतदाता सूची का समय-समय पर सही और साफ-सुथरा होना जरूरी है। उन्होंने कहा, “यदि मतदाता सूची में गलत नाम या मृतक व्यक्तियों के नाम रह जाएंगे तो इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होगी, इसलिए इसे जल्द से जल्द सही किया जाना चाहिए।”
मंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक या सामाजिक समूह को चुनाव आयोग के काम में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने दिया जाएगा और उन्हें किसी भी तरह की धमकी या दबाव सहन नहीं करना पड़ेगा। किसान रेड्डी ने अधिकारियों को सावधानी बरतने और किसी भी अवैध गतिविधि की रिपोर्ट करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
इसके अलावा, उन्होंने जनता से अपील की कि वे मतदाता सूची के सत्यापन में सहयोग करें और अपने मतदाता पहचान को सुनिश्चित करें ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष हो सके। उन्होंने बताया कि सिस्टम में सुधार के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, जिससे मतदाता सूची का रखरखाव और अपडेट करना आसान होगा।
किसान रेड्डी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देश में आगामी चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं और मतदाता सूची की शुद्धि प्रक्रिया तेज़ हो रही है। इससे पहले भी कई बार देश में मतदाता सूची को लेकर विवाद उठे हैं। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि चुनाव आयोग को सबकी सुरक्षा और स्वतंत्रता मिलनी चाहिए ताकि लोकतंत्र का आदर्श कायम रह सके।
इस संदर्भ में संबंधित अधिकारियों ने भी कहा है कि वे इस दिशा में पूर्ण गंभीरता से काम कर रहे हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता का भरोसा चुनाव प्रणाली में और मजबूत होगा।
कृषि मंत्री के इस कदम को चुनाव आयोग सहित अनेक संगठनों द्वारा स्वागत किया गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे आगामी चुनाव निष्पक्ष और प्रभावशाली होंगे।
Author: UP 24.in
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