राजस्थान ने भाखड़ा बीस प्रबंधन बोर्ड में स्थायी सदस्यता की मांग की

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Rajasthan seeks permanent membership in Bhakra Beas Management Board

जयपुर, राजस्थान – राजस्थान सरकार ने भाखड़ा बीस प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में जल संचयन संबंधी निर्णयों को शीघ्रता से लेने की आवश्यकता पर जोर दिया है। मंत्री ने कहा कि BBMB के जलाशयों के अधिकतम जलस्तर तक जल संचयन के संबंध में उपयुक्त निर्णय आवश्यक अध्ययन पूरी होने के पश्चात तुरंत लिए जाने चाहिए।

BBMB के तहत संचालित बांधों का जल स्तर और जल संचयन ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये बांध न केवल सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराते हैं, बल्कि इनसे विद्युत उत्पादन भी होता है। इसके साथ ही जल प्रबंधन क्षेत्रीय विकास और कृषि उत्पादन को भी प्रभावित करता है।

मंत्री ने यह भी कहा कि जलाशयों के अधिकतम संचयन स्तर तक पानी संचय करने के लिए अध्ययनों को न केवल पूरी गंभीरता से किया जाना चाहिए, बल्कि उनकी रिपोर्ट को समयबद्ध तरीके से लागू भी किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान की मांग है कि इससे जुड़े निर्णय जल्दी से जल्दी हों, ताकि सूखे और जल संकट की स्थिति को रोका जा सके।

राजस्थान में मौजूदा जल संकट की स्थिति को देखते हुए, सरकार ने भाखड़ा बीस प्रबंधन बोर्ड में स्थायी सदस्यता हासिल करने की अपनी मांग भी दोहराई है। स्थायी सदस्यता के माध्यम से राज्य चाहता है कि उसकी जल संसाधनों की बेहतर योजना और प्रबंधन में अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

विशेषज्ञों के अनुसार, जल संचयन और प्रबंधन के लिए पारदर्शी तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण बेहद जरूरी है। जलाशयों के जल स्तर को नियंत्रित नहीं किया गया, तो इससे बाढ़ जैसी आपदाओं का खतरा हो सकता है या फिर अत्यधिक कटौती से पानी की कमी भी हो सकती है। इस संदर्भ में मंत्री ने सभी संबंधित पक्षों से आग्रह किया है कि वे जल प्रबंधन में समन्वय बढ़ाएं तथा जल संचयन के उपायों को लागू करें।

भाखड़ा बीस प्रबंधन बोर्ड भारत के प्रमुख जल प्रबंधन संस्थान में से एक है, जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश को सिंचाई और जल आपूर्ति प्रदान करता है। राजस्थान की मांग है कि राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बोर्ड के प्रबंधन में उचित प्रतिनिधित्व मिले जिससे क्षेत्र के जल संसाधनों का समुचित विकास हो सके।

इस पूरे प्रयास का उद्देश्य है कि जल संकट से निपटा जाए, खेती और उद्योग को पानी उपलब्ध रहे, तथा जनता को सुरक्षित और पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित हो। राजस्थान सरकार का मानना है कि जल संचयन के संबंध में लिया गया त्वरित और वैज्ञानिक निर्णय इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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UP 24.in
Author: UP 24.in

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