श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर। एसओजी (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि केरल का एक छात्र, जो MBBS की पढ़ाई कर रहा है, ने NEET-UG 2026 परीक्षा से पहले गेस पेपर अपने दोस्तों तथा सिकार में स्थित एक हॉस्टल के मालिक को भेजा। यह खुलासा हाल ही में एक गहन जांच के दौरान हुआ है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एसओजी की टीम को सूचना मिली थी कि परीक्षा से कुछ दिन पहले ही इन गुप्त प्रश्नपत्रों का आदान-प्रदान हो रहा है। इसके बाद, जांच में पता चला कि केरल का उक्त छात्र जो MBBS में अध्ययनरत है, उसने परीक्षा से संबंधित अनुमानित प्रश्नपत्र अपनी मित्र मंडली और सिकार स्थित हॉस्टल मालिक को व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अग्रेषित किया था।
एसओजी अधिकारी ने बताया, “हमने छात्र के मोबाइल फोन से भारी मात्रा में संदिग्ध मैसेज और ग्रुप चैट्स पाए हैं जिसमें प्रश्नपत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण सूचना सांझा की गई थी। इसे हम गम्भीर मामला मानते हैं क्योंकि यह परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।”
वहीं, हॉस्टल मालिक के खिलाफ भी फिलहाल जांच शुरू कर दी गई है कि उसने किस प्रकार से इस गेस पेपर का उपयोग किया और क्या अन्य किसी को भी यह सूचना मिली। इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने कहा है कि वे जल्द ही सभी आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे ताकि परीक्षा प्रक्रिया को बदनाम करने वालों को बचाया न जाए।
NEET-UG 2026 परीक्षा देशभर के लाखों विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मेडिकल पढ़ाई में प्रवेश का प्रमुख माध्यम है। ऐसे में इस तरह के मामले परीक्षा की ईमानदारी और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा उपाय भी कड़े करने का निर्देश दिया है और विद्यार्थियों को भी चेताया गया है कि वे किसी भी तरह की नकल या धोखाधड़ी में लिप्त न हों।
इस जांच के दौरान एसओजी ने कई संदिग्धों से पूछताछ की है और मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया वार्तालाप आदि की पड़ताल को जारी रखा है। सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी ताकि परीक्षा में निष्पक्षता बनी रहे।
इस घटना से परीक्षा प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच एक बार फिर से परीक्षा की ईमानदार प्रकृति बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
Author: UP 24.in
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