चेन्नई, तमिलनाडु। हाल ही में जारी एक अध्ययन के अनुसार, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजयी हुए 234 उम्मीदवारों में से 126, यानी 54 प्रतिशत विधायकों पर आपराधिक मामले लंबित हैं। यह तथ्य शनिवार को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स और तमिलनाडु इलेक्शन वॉच द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया।
तमिलगा वेत्त्री कझगम, जो राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी और 108 सदस्यों के साथ सबसे अधिक सीटें जीती, में से 41 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो किसी भी अन्य पार्टी से सबसे अधिक है।
इस अध्ययन के लिए 23 अप्रैल को हुए चुनाव के 234 में से 233 विजेताओं की स्व-घोषित हलफनामा-पत्रों का विश्लेषण किया गया। क्योंकि टीवीके विधायक टी अरुणकुमार का हलफनामा चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अस्पष्ट था, इसलिए उसकी समीक्षा नहीं की जा सकी।
अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुल विधायकों में से 56, यानी 24 प्रतिशत पर गंभीर आपराधिक मामलों का आरोप है। गंभीर आपराधिक मामले उन अपराधों को कहा गया है, जिनमें पांच या उससे अधिक वर्षों की सजा का प्रावधान होता है, या गैर-जमानती अपराध, या जो सार्वजनिक खजाने को नुकसान पहुंचाने वाले अपराध हैं।
इस श्रेणी में हमले, हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, महिलाओं के खिलाफ अपराध और प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उल्लिखित अपराध शामिल हैं। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले भी इसमें शामिल हैं।
अध्ययन में कहा गया है कि एक विधायक पर हत्या का आरोप है, जबकि छह विधायक हत्या के प्रयास से संबंधित आरोपों में घिरे हुए हैं। यह आंकड़े तमिलनाडु की राजनीति एवं विधायकों की छवि पर एक गंभीर सवाल खड़ा करते हैं।
यह रिपोर्ट तमिलनाडु के निर्वाचन प्रक्रिया एवं जनप्रतिनिधियों की योग्यता को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनता और राजनीतिक पार्टियों दोनों के लिए इस प्रकार के आंकड़े सोचने वाला विषय हैं, जिससे चुने गए प्रतिनिधि बेहतर और साफ-सुथरे चरित्र के हों।
यह जानकारी लोकतंत्र के स्वस्थ विकास के लिए है कि हम यह समझें कि हमारे प्रतिनिधि किस प्रकार की पृष्ठभूमि के हैं और वे किस प्रकार की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। तमिलनाडु में इस अध्ययन की रिपोर्ट निश्चित रूप से राजनीतिक संवाद और सुधार की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करेगी।
आगे की रिपोर्ट में विधायकों के द्वारा दर्ज आपराधिक मामलों के विस्तृत विश्लेषण और उनके सामाजिक-राजनीतिक प्रभावों पर भी चर्चा की जाएगी।
Author: UP 24.in
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