कोच्चि, केरल – भारतीय सिनेमा प्रेमियों के लिए एक खास खुशखबरी है। केरल के प्रतिष्ठित फिल्मकार जॉन अब्राहम की काल्ट फिल्म ‘अम्मा अरियान’ का पुनर्स्थापित संस्करण इस साल मय 16 को विश्व प्रसिद्ध कान्स फिल्म समारोह में प्रीमियर होने जा रहा है। यह फिल्म इस वर्ष कान्स में विश्व प्रीमियर के लिए चयनित केवल भारतीय फीचर फिल्म है।
‘अम्मा अरियान’ फिल्म को भारतीय गैर-लाभकारी संस्था फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन द्वारा पुनर्स्थापित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय सिनेमा के महत्वपूर्ण और दुर्लभ कृतियों को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक पहुँचाना है। फिल्म की पुनः प्रस्तुति इस पहल की सफलता और भारतीय फिल्म संस्कृति के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जॉन अब्राहम, जो अपनी प्रायोगिक और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने ‘अम्मा अरियान’ में फिल्म की मूल भावना को बनाए रखते हुए इसे आधुनिक तकनीकी माध्यमों द्वारा पुनर्जीवित किया है। यह फिल्म एक सामाजिक यात्रा की कहानी कहती है जो केरल और उसकी जनजीवन के साथ गहराई से जुड़ी है।
कान्स फिल्म समारोह में भारतीय सिनेमा की मौजूदगी इस पुनर्स्थापित फिल्म के साथ नई ऊँचाइयों को छू रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह फिल्म न केवल भारतीय सिनेमा के लिए, बल्कि विश्व सिनेमा के लिए भी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के प्रकाशक ने बताया कि इस तरह की परियोजनाएं भारतीय फिल्म इतिहास की बड़े पैमाने पर सुरक्षा में मदद करती हैं और फिल्मों के दुर्लभ संग्रह को बनाए रखती हैं। उन्होंने कहा कि ‘अम्मा अरियान’ की यह बहुप्रतीक्षित पुनः प्रस्तुति भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा देगी।
कान्स में आयोजित इस विश्व प्रीमियर के बाद, उम्मीद की जा रही है कि ‘अम्मा अरियान’ को देश-विदेश में व्यापक दर्शक वर्ग प्राप्त होगा और इसे फिल्म पुनर्निर्माण और संरक्षण में एक प्रेरक उदाहरण माना जाएगा।
अन्त में कहा जा सकता है कि ‘अम्मा अरियान’ का पुनर्स्थापित संस्करण न केवल केरल या भारत के लिए, बल्कि समस्त विश्व के फिल्म प्रेमियों के लिए एक सांस्कृतिक ऐतिहासिक उपहार साबित होगा। यह फिल्म भारतीय कला एवं संस्कृति के गौरव को नए सिरे से स्थापित करने में सहायक होगी।
Author: UP 24.in
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