बेरूत, लेबनान। इज़राइली हवाई हमलों ने दक्षिण लेबनान में रविवार को कम से कम एक व्यक्ति की जान ले ली और चार बचाव कार्यकर्ताओं को घायल कर दिया, जबकि क्षेत्र में एक कमजोर संघर्षविराम कायम था। इस हमले ने स्थानीय लोगों में भारी दहशत और गुस्सा पैदा कर दिया है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों की तीव्र निंदा की है और इसे जेनिवा कन्वेंशन के उल्लंघन के रूप में बताया है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन करते हैं।
इज़राइल के सैन्य प्रमुख द्वारा नई धमकियों के बाद, तनाव में आई तेजी को देखते हुए, इज़राइली अधिकारियों ने दस से अधिक गांवों के लोगों के लिए नई निकासी चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी लितानी नदी के उत्तर में बसे गांवों को भी शामिल करती है, जहां हाल के महीनों में संघर्ष की घटनाएं बढ़ी हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वे अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। बचाव कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि ये लोग अक्सर संकट के समय हुताई राहत और सहायता प्रदान करते हैं।
लेबनान और इज़राइल के बीच पुराना संघर्ष एक बार फिर से भड़क उठने का खतरा बना हुआ है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और हिंसा को समाप्त करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस परिस्थिति में कूटनीतिक प्रयासों को priority देना आवश्यक है ताकि दोनों देशों के बीच किसी बड़े संघर्ष को टाला जा सके। फिलहाल, स्थानीय लोगों की सुरक्षा और मदद पर आसरा देने वाली संस्थाओं की भूमिका अहम बनी हुई है।
यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब इज़राइल और लेबनान दोनों ही पुरानी राजनीतिक और सैन्य विवादों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति में हैं। इस बीच, हवाई हमलों ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा है।
लेबनान की सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि वर्तमान स्थिति को शांति और स्थिरता के मार्ग पर लाया जा सके।
Author: UP 24.in
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